वाराणसी : BHU भी अब अनेक विचार धाराओं की राजनीति का केंद्र बन चुका है। IIT बीएचयू में पिछले ढाई साल से पढ़ा रहे मैगसायसाय पुरस्कार विजेता डॉक्टर संदीप पाण्डेय को बर्खास्त कर दिया गया है। उन पर यह कार्रवाई आईआईटी के बोर्ड आफॅ गवर्नेंस की मीटिंग में की गई। संदीप पाण्डेय पर आरोप है कि वह परिसर में राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं। एक जनवरी को मीटिंग के बाद डायरेक्टर की तरफ से संदीप पाण्डेय को नोटिस जारी किया गया था। यह कारवाई BHU के एक छात्रसंगठन ने संदीप पाण्डेय पर बीएचयू परिसर में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को हवा देने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी।
BHU प्रोफ़ेसर डॉ. संदीप पाण्डेय ने कहा मुझे RSS और स्मृति ईरानी के कहने पर हटाया
डॉ. संदीप पाण्डेय चाहते थे कि वह बीएचयू में बीबीसी द्वारा निर्भय द्वारा बनाई गई डाक्यूमेंट्री दिखाना चाहते थे। जबकि यह डाक्यूमेंट्री सरकार द्वारा प्रतिबंधित की गई है। आईआईटी डायरेक्टर ने डॉक्यूमेंट्री दिखाने पर रोक लगाने के साथ उनको ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की हिदायत दी थी। संदीप पाण्डेय का कहना है कि उन्हें आरएसएस के इशारे पर हटाया गया है। ‘बर्खास्त मैगसायसाय अवॉर्ड विजेता संदीप पाण्डेय ने कहा कि मेरे ऊपर जो आरोप लगाए गए हैं, वह सब निराधार हैं।
आरएसएस को बीएचयू में मेरी मौजूदगी खल रही थी। इस कारण लंबे समय से मेरे खिलाफ अनाप-शनाप आरोप लगाए जा रहे थे। डॉ. पाण्डेय का कहना है कि उन्हें सरकार के खिलाफ बोलने की सजा मिली है। पाण्डेय एक गांधीवादी विचारधारा के करीब रहे है। संदीप पाण्डेय का आरोप है कि उन्हें हटाने के पीछे HRD मिनिस्ट्री और स्मृति इरानी जिम्मेदार हैं।  साभार: इंडिया संवाद ब्यूरो

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