पुरुष प्रधान समाज के दकियानूसी रिवाजों के चलते आज भी लोग बेटियों की तुलना में बेटे को ही प्राथमिकता देते है.

मध्य प्रदेश के गुना जिले के हिलगना गांव में एक महिला ने बेटे की चाहत में दस बेटियों को जन्म दे दिया, बावजूद अब भी महिला को बेटे की चाहत है.

हाल ही में दसवी बेटी को जन्म देने वाली रामबाई इस दसवी बेटी के जन्म से खुश नहीं है. दरअसल, उन्हें बेटे के जन्म की उम्मीद थी. महिला ने बताया की 10 बेटियों में से उसकी 2 बड़ी बेटियों की शादी हो चुकी है.

दस बेटियों को जन्म देने वाली ये महिला अब अपने परिवार का भरण पोषण भी सहीं ढंग से नही कर पा रही है. शिक्षा ,स्वास्थ्य और अन्य जरुरतो को पूरा करना तो दूर की बात है.

परिवार के मुखिया बहादुर सिंह लोधा ने बताया की वह पेशे से खेती और मजदूरी करता है और बड़ी मुश्किल से अपना और परिवार का भरण पोषण कर पाता है. बहादुर सिंह का मानना है कि अगर बेटा होगा तो बुढ़ापे का सहारा बनेगा.


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