जयपुर : आपने पुरुष कुली को देखा होगा उनसे सामान भी उठवाया होगा। लेकिन आज बता रहे हैं एक ऐसे महिला के बारे में जो राजस्थान की पहली महिला कुली है।

250 कुली में एक अकेली महिला
जयपुर स्टेशन पर लगभग 250 कुली हैं। उनके बीच एक मात्र लेडी कुली है मंजू। उन्हें देख कर लोग ये सोचते होंगे कि यह काम तो पुरुषों का है तो महिला क्यों कर रही है। लेकिन इसके पीछे का दर्द तो सिर्फ उस महिला को ही पता है जो ये काम कर रही है।

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क्यों आईं स्टेशन
दरअसल पति महादेव (बिल्ला नं. 15) के देहांत होने के बाद भी मंजू ने गरीबी के सामने घुटने नहीं टेके। मंजू का पति भी कुली का काम करता था। उन्होंने बिना किसी संकोच के अपने पति के काम को अपना लिया और निकल पड़ी स्टेशन की ओर।

एक दिन में कमा लेती हैं 500 रुपए से ज्यादा
एक तरफ जहां पुरुष कुली 60 किलो वजन तक उठा लेते हैं वहीं मंजू भी 30 किलो तक वजन उठा लेती है। यह भी एक कारण है कि मंजू को ज्यादा सामान वाले लोग नहीं बुलाते। इसके बाद भी दिन के 500 रुपए कमाना मंजू के लिए अब कोई बड़ी बात नहीं।

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गलत नजरों का भी होना पड़ता है शिकार
मंजू जयपुर के एक छोटे-से गांव की रहने वाली है। घर से बाहर मंजू को कुछ अच्छे तो कुछ लोगों के गलत नजरों का शिकार भी होना पड़ता है, लेकिन वो हिम्मत नहीं हारती और रोज बुलंद हौसले के साथ काम पर निकल जाती है। वो चाहती हैं कि अगर दो चार और महिलाएं आ जाएं तो एक टीम बनाकर काम करेंगे। इस प्रकार वो गरीब महिलाओं को अपने पैरों पर खड़े होने के लिए प्रेरित करती हैं।

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बात करते करते रो पड़ती हैं मंजू
मंजू के तीन बच्चे हैं जो उनकी मां के पास गांव में रहते हैं। वह रोज अपने बच्चों से बात करती हैं। बच्चों की याद में कई बार उनकी आंखें नम हो जाती हैं लेकिन हौसले इतने मजबूत कि वो आंसू पोछ फिर काम पर लग जाती है।

मंजू का इंटरव्यू का वीडियो

 


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