वाराणसी. उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले दंगे भड़कने की खुफिया रिपोर्ट ने अखिलेश सरकार की नींद उड़ा दी है। आगामी विस चुनावों में मायावती को बढ़त की रिपोर्ट ने पहले से ही सपा को बेचैन कर रखा है। ऐसे में चुनाव से पूर्व दंगे भड़के तो सबसे अधिक नुकसान समाजवादी पार्टी को ही होगा। कानून-व्यवस्था को लेकर हमेशा विरोधियों के निशाने पर रहने वाले मुख्यमंत्री अखिलेश के लिए दंगों से निबटना बड़ी चुनौती होगी।
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दरअसल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बीते दिनों कार्यकर्ताओं से वार्ता के दौरान आशंका जताई थी कि प्रदेश में असामाजिक ताकतें चुनाव के दौरान अपना सिर उठाने की फिराक में हैं। जात-पात और धर्म के नाम पर सांप्रदायिक ताकतें लोगों की भावनाओं को भड़काने की साजिश रच रही हैं। जनता को ऐसे लोगों से सतर्क रहना होगा।

मुख्यमंत्री का मानना है कि उनके द्वारा किए गए कार्यों से जनता का विश्वास बढ़ा है और जनता उन्हें रिटर्न गिफ्ट देगी। विरोधियों को यह बात पच नहीं रही है और वह सूबे के अमन-चैन को बिगाडऩे की साजिश रच रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने देश में चल रहे हालिया विवादों को भी ध्यान में रखते हुए पुलिस व प्रशासनिक महकमे को सतर्क रहने के साथ ही असामाजिक तत्वों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री के बयान के अगले दिन वाराणसी समेत प्रदेश के कई संवेदनशील जिलों में पुलिस ने दंगा नियंत्रण अभ्यास शुरू कर दिया। यहां तक कि जिलों में तैनात थानेदारों, सर्किल आफिसर को शूटिंग रेंज में निशानेबाजी का अभ्यास भी कराया गया। कई अधिकारी निशानेबाजी में चूके और उन्हें निरंतर फायरिंग के अभ्यास की हिदायत दी गई।

पुलिस की दंगाइयों से निबटने के अभ्यास के बीच जिला प्रशासन ने भी सूबे के मुखिया की आशंका को देखते हुए तीन दिन पूर्व गोपनीय बैठक की। बैठक में मौजूद पुलिस अधिकारियों व खुफिया तंत्र को धार्मिक स्थलों की निगरानी के साथ ही विवादित धार्मिक स्थलों का चिन्हीकरण के साथ ही धार्मिक परिसर में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने को कहा है। कमिश्रर की अध्यक्षता में हुई बैठक में पाकिस्तान की यात्रा व वहां फोन के जरिए वार्ता करने वाले भारतीय नागरिकों पर निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। इतना ही नहीं वाराणसी व आसपास के जिलों के मौजूद कश्मीरी युवकों व अवैध रुप से रह रहे बांग्लादेशियों की गतिविधियों पर नजर रखने को कहा है।

पुलिस व जिला प्रशासनिक अधिकारियों ने होटल मालिकों व साइबर कैफे संचालकों से अपील की है कि उनके यहां आने वाले लोगों का संपूर्ण ब्यौरा रजिस्टर में दर्ज करें। यदि किसी पर देशविरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने का अंदेशा हो तो तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें। (patrika)


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