नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने एक व्यक्ति को अपनी नाबालिग बेटी से बार-बार दुष्कर्म करने और उसे गर्भवती बनाने के जुर्म में उम्रकैद की सजा सुनायी है। अदालत ने कहा कि उसने न केवल उसके तन-मन बल्कि बाकी जीवन को भी बर्बाद कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजय शर्मा-प्रथम ने कहा, ‘बाप-बेटी के पवित्र रिश्ते को मुजरिम ने अपनी करतूत से ध्वस्त कर दिया। जो बाप अपने बच्चों की रक्षा एवं भरण-पोषण करता है, वही यदि उसका उत्पीड़क बन जाए तो उन बच्चों के लिए धरती पर कोई जगह नहीं होगी जो आश्रय चाहते हैं।

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अदालत ने कहा कि ‘मुजरिम ने न केवल पीड़िता के तन-मन को बल्कि उसके बाकी जीवन को भी बर्बाद कर दिया। किसी भी प्रकार मुआवजा या सात्वंना उसपर मरहम नहीं लगा सकता। ‘अदालत ने दिल्ली के निवासी 37 वर्षीय व्यक्ति को 11 साल की बेटी का बलात्कार करने और उसे जान से मार डालने की धमकी देने का दोषी ठहराया एवं उसे सश्रम उम्रकैद की सजा सुनायी।

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अभियोजन के अनुसार लड़की और उसकी मां ने 2012 में शिकायत दर्ज करायी कि घर में लड़की के साथ उसके पिता ने बार बार बलात्कार किया और उसे गर्भवती बना दिया। शिकायत दर्ज कराने के समय 14 साल की उम्र की रही लड़की ने आरोप लगाया कि जब वह महज 11 साल की थी तब उसकी मां की गैर मौजूदगी में उसके बाप ने पहली बार उससे बलात्कार किया। उसने यह बात किसी को बताने पर जान से मार देने की धमकी दी। उसके बाद वह उससे बलात्कार करता रहा। वैसे मुजिरम ने आरोपों से इनकार किया है।

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