रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक दिलदहलाने वाली खबर सामने आ रही है। जानकारी के मुताबिक यहां एक पिता ने गरीबी दूर करने के लिए अपने ही बेटे की बलि दे दी। बताया जा रहा है कि इस घटना को पिता ने किताब पढ़कर अंजाम दिया है। बता दें कि 7 जनवरी को गोरखा क्षेत्र में 14  साल एक लड़के की लाश मिली थी, जिसका की सिर धड़ से अलग कर दिया गया था। इस मामले को नरबलि की आशंका जताई जा रही थी।

और पढ़े -   ब्राह्मण के हाथों हुआ गाय का क़त्ल, पंचायत ने दी गंगा नहाओ और मुक्ति पाओ की सज़ा

 कैसे हुआ मामले का खुलासा?
– 7 जनवरी को गोरखा क्षेत्र में 14  साल एक लड़के की लाश मिली थी, जिसका की सिर धड़ से अलग कर दिया गया था।
–  शव के करीब ही सिर, धारदार चाकू और पूजा की सामग्री बरामद की थी, जिससे हत्या के पीछे तंत्र-मंत्र की आशंका जताई जा रही थी।
– जानकारी के मुताबिक आरोपी पिता अंधविश्वासी किस्म का शख्स है और तंत्र-मंत्र में विश्वास करता है। 
– अंधविश्वासी पिता ने इंद्रजाल नामक किताब लाकर, उससे पूजा-पाठ सीखकर बेटे की बलि दे दी। 
गरीबी और दूर करने के लिए दी बेटे की नरबलि
रायगढ़ जिले के एसपी के मुताबिक 14 साल के लड़के की सिर कटी लाश मिलने के मामले में पुलिस ने पिता रणविजय भारती (40) को उत्तरप्रदेश के आजमगढ़ जिले के छतौना गांव से आईपीसी की धारा 302 और 201 के तहत गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया कि आरोपी पिता अंधविश्वासी किस्म का शख्स है और तंत्र-मंत्र में विश्वास करता है। आरोपी को शक था कि उस पर किसी ने जादू-टोना कर दिया है, जिससे उसे परेशानियों और नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।   
इंद्रजाल से सीखा तंत्र-मंत्र
पुलिस अधिकारी ने बताया कि इससे निजात पाने के लिए रणविजय पिछले दिनों वह इंद्रजाल नामक किताब ले आया। रणविजय ने किताब के अनुसार तांत्रिक पूजा और अनुष्ठान किया और पूर्ण सिद्धी के लिए अपने बेटे की बलि दे दी (राजस्थान पत्रिका)

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE