मध्यप्रदेश में भोपाल के सिहोर जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक किसान सम्मेलन करने वाले हैं। पीएम इस रैली में केन्द्र की फसल बीमा योजना के सिलसिले में किसानों को संबोधित करेंगे। लेकिन मोदी की इस रैली से किसान काफी दुखी है। इसके पीछे कारण यह है कि मोदी की इस रैली की चलते किसानों को उनकी अधपकी फसलों को काटने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

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पीड़ित किसान सुरेश परमार का कहना है कि अधिकारियों ने उनसे खेत साफ करने को कहा है। फसल पकने से पहले ही काटने के अलावा दूसरा कोई तरीका समझ में नहीं आया। परमार के मुताबिक इससे 1.5 लाख रुपये के नुकसान का अंदेशा है। उन्हें दबाव के चलते अपनी अधपकी फसल को काटना पड़ रहा है। अब हमें बाजार में इन फसलों की सही कीमत भी नहीं मिलेगी जिससे हमें सस्ते में इन फसलों को बेचना पड़ेगा। राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने इन आरोपों से इनकार किया है। किसानों का कहना है कि ऐसा प्रधानमंत्री की रैली में आने वाली गाड़ियों की पार्किंग के लिए करवाया जा रहा है।

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किसानों ने बताया कि इस मसले पर गांव की महिला प्रधान ने कोई भी मदद करने के बजाय अपने हाथ खड़े कर दिए हैं. तहसीलदार और पटवारी किसानों से पेपर पर दस्तखत करवाकर खेत में खड़ी फसल कटवाने की इजाजत ले रहे हैं। खेतों से कंटीले तार से घिरा खंभा भी हटवाया जा रहा है। वहीं राज्य के गृहमंत्री बाबू लाल गौर ने भी कहा कि किसी भी किसान को फसल काटने के लिए मजबूर नहीं किया गया। (boltahindustan)

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