रायपुर. बस्तर जिले के एक आदिवासी सीमांत किसान के परिवारजनों ने बस्तर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस किसान को रात तीन बजे घर से उठाकर अपने साथ ले गई। एक दिन बाद पता चला कि एक लाख रुपए का इनामी नक्सली बताकर पुलिस ने उसकी हत्या कर दी।

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दिवंगत किसान की विधवा ने सात बच्चों के साथ मंगलवार को डीजीपी एएन उपाध्याय की दफ्तर पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। उन्हें डीजीपी तक पहुंचाने में आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डीजीपी ने मामले में तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं।
बस्तर जिले के ग्राम पंचायत सतरपुर के आर्शित ग्राम सुनगा निवासी हड़मो कश्यप पिता बुडोड़ी अपनी पत्नी गलो कश्यप और सात बच्चों के साथ निवासरत था। वह मूलतया बस्तर जिले के अंजोर ग्राम पंचायत का निवासी है। तीन-चार एकड़ जमीन सुनगा में होने के कारण वह सुनगा में बस गया। यहां उसका आधारकार्ड, बीपीएल कार्ड, एसबीआइ में बैंक खाता भी है।
डीजीपी दफ्तर पहुंचे हड़मो के मामा सुधराम और पत्नी गलो कश्यप ने बताया, 3 फरवरी की रात करीब 2 बजे पुलिस हड़मो को घर से उठाकर ले गई। दूसरे दिन 4 फरवरी को परिजन थाना माडूम पहुंचे और वहां हड़मो के बारे में पूछताछ की। तब पुलिस ने कहा उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है।
5 फरवरी को ग्राम पंचायत अंजोर के सरपंच ने उन्हें सूचना दी कि हड़मो कश्यप की लाश जगदलपुर के महारानी अस्पताल में पड़ी है, ले जाएं। परिवारजनों ने देर शाम तक हड़मो का अंतिम संस्कार किया। 6 फरवरी को समाचार पत्रों में आया कि पुलिस ने एक लाख रुपए के इनामी नक्सली को मार गिराया है। (haribhoomi)

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