गुवाहाटीः असम विधानसभा ने शुक्रवार को पारित किए गए एक विधेयक की देश में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में तारीफे हो रही है.

दरअसल असम सरकार ने जो विधेयक पास किया है. उसमे एक ऐसा प्रावधान किया है. जिसके तहत राज्य सरकार के कर्मचारी अपने अभिभावकों और दिव्यांग भाई-बहनों की देखभाल नहीं करेंगे तो उनके मासिक वेतन में 10 प्रतिशत की कटौती की जाएगी.

इसे भी बड़ी ख़ास बात ये है कि वेतन से काटी गयी ये राशि उनके अभिभावकों या भाई-बहनों को उनकी देखभाल के लिए दी जाएगी. सदन ने चर्चा करने के बाद विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया  गया.

राज्य के मंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सदन में यह विधेयक पेश करते हुए कहा कि ऐसे उदाहरण भी सामने हैं जिनमें अभिभावक वृद्धाश्रमों में रहते हैं और उनके बच्चे उनकी देखभाल नहीं कर रहे.

उन्होंने कहा कि इस विधेयक का मकसद राज्य कर्मचारियों के निजी जीवन में हस्तक्षेप करने का नहीं बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि अनदेखी किए जाने की स्थिति में अभिभावक या दिव्यांग भाई बहन कर्मचारियों के विभाग में शिकायत कर सकते हैं.

शर्मा ने कहा कि बाद में एक विधेयक सांसदों, विधायकों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और असम में संचालित निजी कंपनियों के कर्मचारियों के लिए भी एक ऐसा ही विधेयक पेश किया जाएगा.


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