Muslim woman
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देश में असहिष्णुता थमने का नाम नहीं ले रही हैं. देश भर में अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के साथ भेदभाव किया जा रहा हैं. इसी कड़ी में देश की राजधानी दिल्ली में एक मुस्लिम छात्रा का दिल्ली मेट्रो में हिजाब पहन कर सफ़र करने के दोरान स्टाफ कर्मचारी द्वारा अपमानित किया गया. इतना ही नहीं मेट्रो के स्टाफ ने चैकिंग के नाम पर न सिर्फ छात्रा को अपना हिजाब उतारने पर मजबूर किया बल्कि उसे मेट्रो में यात्रा करने से भी रोक दिया.

पीड़ित लड़की हुमेरा खान ने घटना को अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर भी शेयर किया हैं. उसमे उन्होंने जानकारी देते हुवे कहा कि ह कॉलेज से घर जाने के लिए रोजाना की तरह मयूर विहार फेज 1 के मेट्रो स्टेशन पर पहुंची जहाँ उसे सिक्योरिटी चेक से गुज़ारा गया जोकि एक रूटीन चेक है, लेकिन इस दौरान सिक्योरिटी कर्मी ने अपने हाथ में पकडे मेटल डिटेक्टर को उसके सिर के चारों तरफ ऐसे घुमाया कि जैसे कि उसने हिजाब के नीचे कोई चीज़ छिपाई हो. हुमैरा के साथ ऐसा व्यवहार किया गया जैसे कि वह कोई आतंकवादी हो.

सिक्योरिटी कर्मी ने उसे हिजाब उतारने के लिए कहा जोकि उसने उतार दिया और सिक्योरिटी चेक पूरा होने पर उनसे जब उसने दोबारा हिजाब बांधना शुरू किया तो सिक्योरिटी कर्मी ने कहा कि आप इसे पहन कर अंदर नहीं जा सकती मैडम इसे (हिजाब को) उतारिये.

सरे आम अपमानित होने पर परेशान लड़की ने सीनियर अधिकारी को बुलाने की मांग की. जिस पर एक अफसर सिक्योरिटी चेकपॉइंट पर पहुंचा. लेकिन इस मेट्रो सिक्योरिटी अधिकारी ने बहुत ही गलत तरीके से बात करते हुए इस लड़की को कहा कि या वो हिजाब उतारे या यहाँ से चली जाए. इसके पीछे की वजह पूछने पर उक्त सीनियर अधिकारी और भड़क पड़ा और लड़की को वहां से चले जाने को कहने लगा.

हुमैरा ने इस मामले की शिकायत दिल्ली मेट्रो के आलाअधिकारीयों से की है. दिल्ली मेट्रो के एक अधिकारी के अनुसार सुरक्षा नियमों को लेकर ऐसी कोई गाइड लाइन जारी नहीं की गई है. हुमैरा को मेटल डिटेक्टर से चेक करना भी काफी था और यह नियम सभी यात्रियों के लिए हैं.


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