पटना. राज्य में इस साल होनेवाली विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (स्पेशल टीइटी) में उर्दू विषय भी शामिल हो सकता है. शिक्षा विभाग ने इस पर मंथन शुरू कर दिया है. हाइ व प्लस टू स्कूलों में जहां गणित, विज्ञान, अंगरेजी, कॉमर्स विषयों में एसटीइटी पास अभ्यर्थी नहीं मिलने के कारण पद रिक्त रह जा रहे हैं. वहीं, राज्य में प्रारंभिक स्कूलों में उर्दू विषय के 26 हजार पद रिक्त हैं, जबकि उर्दू विषय के टीइटी में 16,882 अभ्यर्थी ही पास हैं.

ऐसे में अगर सभी अभ्यर्थियों की बहाली हो भी जाती है, तो नौ हजार से ज्यादा पद खाली रह जायेंगे. इसलिए शिक्षा विभाग जिन विषयों के अभ्यर्थी नहीं मिल रहे हैं, उन विषयों में एसटीइटी तो लेगा ही, उर्दू विषय के लिए भी स्पेशल टीइटी का आयोजन किया जायेगा. इसके लिए वर्तमान में उर्दू शिक्षकों की चल रही बहाली पूरा होने का इंतजार किया जा रहा है. हालांकि, दिसंबर के अंत तक ही उर्दू विषय के लिए काउंसेलिंग करा कर नियुक्ति पत्र दे देना था, लेकिन विभाग के पास अभी तक सभी जिलों से नियुक्ति पत्र दे दिये जाने का आंकड़ा नहीं आ पाया है. काउंसेलिंग में नियुक्ति पत्र मिलने के बाद अभ्यर्थियों को कुछ समय दिया जाता है, जिसके दौरान वे स्कूल में योगदान कर सकते हैं. उर्दू शिक्षकों के योगदान करने का अंतिम आंकड़ा आने में समय लग सकता है.
राज्य में जिन विषयों के अभ्यर्थी नहीं मिल रहे हैं, उन विषयों का स्पेशल टीइटी लेने का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिक्षा विभाग की समीक्षात्मक बैठक में  निर्देश दिया था. इसके बाद विभाग ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को जनवरी के पहले सप्ताह तक यह स्पष्ट करने को कहा है कि वह कब तक और कैसे स्पेशल टीइटी ले सकते हैं? इस बीच विभाग ने सभी जिलों को पांच से सात जनवरी तक होने वाली विभागीय बैठक में हाइ व प्लस टू स्कूल में खाली विषयों व कोटिवार पदों की संख्या लेकर आने को कहा गया है. इस बैठक के बाद ही विभाग यह देखेगा कि जिलावार किस विषय और किस कोटि के पद ज्यादा रिक्त हैं. ऐसे सभी विषय पर स्पेशल टीइटी लेने का फैसला किया जायेगा. साभार: prabhatkhabar

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