नई दिल्ली: राजस्थान में एक दवा सैकड़ों बच्चों के लिए दुश्मन बन गई। इस कृमिनाशक दवा को लेने के बाद राजस्थान के कई जिलों में करीब 200 बच्चे बीमार हो गए। हालांकि विभाग का कहना है कि इस तरह के साइड इफेक्ट से घबराने की जरूरत नहीं है।

दरअसल, यह दवा राजस्थान चिकित्सा विभाग ने विश्व कृमि नियंत्रण दिवस पर बुधवार को 1 से 19 साल तक की उम्र के 2.47 करोड़ बच्चों को दवा देने का लक्ष्य रखा था।

दवा बनी तीन राज्यों के बच्चों की दुश्मन
राजस्थान के अलावा बिहार और हरियाणा में भी इस दवा के कारण बच्चे बीमार हो गए। बिहार के बिहार शरीफ में 100, जमुई में 37, सीतामढ़ी में 36 बच्चे, पूर्वी चम्पारण में चार व रोहतास में दो बच्चे बीमार पड़े और हरियाणा के सोनीपत जिले में 16 स्कूली बच्चे बीमार हो गए। वहीं राजस्थान के झुंझुनूं के चिड़ावा में 60, सीकर के पलथाना में 50, चूरू के सरदारशहर में 7, तारानगर में 25 और रतनगढ़ में 23 छात्राओं की तबीयत बिगड़ी। हिंडौनसिटी में 5, सवाईमाधोपुर के चौथ का बरवाड़ा में दो, करौली के जीरोता में तीन बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। अजमेर में दो बच्चों और भीलवाड़ा में 12 छात्राओं को दवा देने के बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

दवा खाने के बाद स्कूली बच्चों ने पेट दर्द और जी घबराने की की बात कही। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि अधिकतर बच्चों को थोड़ी देर में ही छुट्टी मिल गई। (News24)


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