नई दिल्ली: ये सवाल बार-बार उठता रहा है कि मुस्लिम समुदाय अतिवादी विचारधाराओं को खुलकर नामंज़ूर क्यों नहीं करता, क्योंकि इनकी वजह से ही अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन ISIS जैसे संगठन खड़े होते हैं। अब दक्षिण भारत से इस राय को तोड़ने की कोशिश हो रही है। कई मुस्लिम संगठन इसका खुलकर विरोध कर रहे हैं और ऐसे अतिवादी संगठनों पर कार्रवाई की मांग भी कर रहे हैं।

दक्षिण भारत में कट्टरता के खिलाफ उठ खड़ा हुआ एक मुस्लिम संगठनभारत में दिनोंदिन आईएसआईएस का खतरा बढ़ता जा रहा है और इससे खुफिया एजेंसियों की नींद उड़ी हुई है। इस बीच अब खुफिया एजेंसियों को एक ऐसे मुस्लिम संगठन ले मदद मिल रही है, जो मुस्लिम समाज में कट्टरता के खिलाफ उठ खड़ा हुआ है। इसका नाम अहल-ए-सुन्नत वल जमात फेडरेशन (ASWJ) है।

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यह समाजिक संगठन तमिलनाडू सरकार की ऐसे लोगों और संगठनों के खिलाफ कार्रवाई में मदद कर रहा है, जो आईएसआईएस का समर्थन करते हैं या उसकी विचारधारा को दक्षिण भारत में फैला रहे हैं। तमिलनाडू में करीब 100 लड़के-लड़कियां सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर हैं। उन पर आईएस का हमदर्द होने का संदेह है।

इनमें से कई दक्षिण भारत के छोटे और कस्बाई इलाक़ों अर्कोट जैसी जगहों से हैं। एजेंसियों की चेतावनी है कि उग्र इस्लाम की वकालत करने वाले कई समूह तमिलनाडू, आंध्र और कर्नाटक में पैदा हो गए हैं। ASWJ के सैयद अली अकबर का कहना है कि दक्षिण भारत में ऐसा कभी नहीं होता था। कुछ लोग कट्टरता फैला रहे हैं और युवा उनके झांसे में आ रहे हैं। उन्होंने कहा, यहां करीब आधा दर्जन इस्लामी कट्टरपंथी संगठन हैं जो युवाओं को बरगला रहे हैं।

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पिछले ही महीने सुरक्षा एजेंसियों ने देशभर से 19 आईएसआईएस समर्थकों को गिरफ्तार किया था। सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों का कहना है कि जल्द ही कुछ और लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा। (NDTV)


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