“दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अध्यापकों की गुणवत्ता सुधारने के लिए तैयार किया ब्लू-प्रिंट”

पर्यावरण की रक्षा के लिए सम-विषम का 15 दिन का प्रयोग करने के बाद दिल्ली सरकार अब शिक्षा के क्षेत्र में भी प्योग करने की तैयारी में है। नर्सरी में दाखिले में मैनेजमेंट कोटा खत्म करने के बाद अब दिल्ली सरकार के अध्यापकों को विदेश भेजने की तैयारी चल रही है। हालांकि दिल्ली में सरकारी स्कूलों की हालत सुधारने के दिल्ली सरकार के तमाम दावे जमीन पर खरे नहीं दिखाई देते।

दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आउटलुक को खास बातचीत में बताया कि अध्यापकों में बेहतर नेतृत्वकारी गुण विकसित करने और आधुनिक वातावरण में प्रशिक्षण देने के लिए विदेश भेजने की तैयारी है। अभी अध्यापकों को प्रशिक्षण के लिए कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से लेकर ब्राजील, फिनलैंड और ऑस्ट्रेलिया भेजे जाने पर विचार हो रहा है।

उप-मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी योजना है कि हर साल छह हजार अध्यापकों को प्रशिक्षण में रखेंगे और इसके लिए अतिरिक्त अध्यापकों को रखेंगे। दिल्ली के सरकारी स्कूल अभी भी अध्यापकों कमी से जूझ रहे है हालांकि पांच हजार नए अध्यापकों की भर्ती हो चुकी है और करीब 10 हजार की और होनी बाकी है। दिल्ली में सरकारी स्कूलों की स्थिति कब तक वाकई संभलेगी, ये तो आने वाले दिनों में ही पता चलेगा, लेकिन दिल्ली सरकार ने लंबी चौड़ी योजना जरूर तैयार कर रखी है। (outlookhindi)


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