प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकास के दावों की पोल बीजेपी शासित राज्यों में स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में होने वाली बच्चों की मौतों ने खोल कर रख दी है.

यूपी के गोरखपुर फिर फरुखाबाद में, झारखंड के जमशेदपुर में, छत्तीसगढ़ के रायपुर में मध्यप्रदेश के शहडोल में बच्चों की मौत के मामले सामने आ चुके है. ये सभी मामले स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव और लापरवाही के चलते पेश आये है. जिनमे आक्सीजन की कमी प्रमुख कारण रही है.

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अब एक बार फिर से मध्यप्रदेश के विदिशा में 4 शिशुओं की मौत का मामला सामने आया है. इससे पहले शहडोल में 36 शिशुओं की मौत का मामला सामने आ चुका है. जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. संजय खरे के अनुसार ये आकड़ा सिर्फ अगस्त महीने का है.

डॉ. खरे ने बताया कि जिन शिशुओं की मौत हुई है, उनमें ज्यादातर दूर-दराज से आए थे. जब तक इन शिशुओं को जिला अस्पताल तक लाया जाता है, तब तक उनके स्वास्थ्य में काफी गिरावट आ चुकी होती है. जबकि अस्पताल या संस्थागत प्रसव के शिशुओं को जल्दी और बेहतर उपचार मिल जाता है, जिससे उनकी मौतों की संख्या कम होती है.

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ध्यान रहे गोरखपुर फिर फरुखाबाद में ऑक्सीजन की कमी के चलते हुए बच्चों की मौतों के चलते बीजेपी की पहले ही किरकिरी हो चुकी है.


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