अजमेर ख्वाजा साहब की दरगाह के दीवान जैनुअल आबेदीन ने कहा कि सूफीवाद ही एक ही एेसी विचारधारा है, जिस पर चलकर आतंकवाद को खत्म किया जा सकता है। गरीब नवाज ने भी यही पैगाम दिया है। होटल मेरवाड़ा पैलेस में शनिवार को आयोजित विश्व शांति सम्मेलन में आतंकवाद की निंदा करते हुए दीवान ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकवादी संगठन पाक नाम का सहारा लेकर दुनिया में दहशतगर्दी फैला रहे हैं, जबकि इन नामों का अर्थ खिदमत करना है।

उन्होंने कहा अगर जेहाद ही करना है तो शिक्षा हासिल करने के लिए करें, क्योंकि शिक्षा से ही समाज बनता है और अच्छे विचारों का आदान-प्रदान किया जा सकता है। विश्व आध्यात्मिक रिसर्च फाउंडेशन के सहयोग से दिव्य धाम फाउंडेशन और ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती एजुकेशनल ट्रस्ट की ओर से आयोजित सम्मेलन में नेपाल, फ्रांस, दिल्ली, ऋषिकेश, बरेली, जयपुर, वाराणसी के नागरिकों ने भी भाग लिया।

डॉ. हफीजुर्रहमान ने कहा कि जल्द ही विश्व मंच पर मिशन को बढ़ावा देने के लिए अजमेर से एक प्रतिनिधि मंडल ईरान भेजा जाएगा। ग्लोबल पीस मिशन और दिव्य धाम फाउंडेशन की अध्यक्ष गुलशा बेगम ने विभिन्न क्षेत्रों में बुनियादी मूल्यों का संदेश प्रसारित करने के लिए समान विचारधारा वाले अलग-अलग समूहों, सरकारों और गैर सरकारी संगठनों के व्यापक गठबंधन बनाने की वकालत की। शाहिद सिद्दीकी ने कहा कि अब हमें सभी मतभेद को दूर कर एक साथ करने की महत्ती आवश्यकता है। डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा कि आध्यात्मिक नगरी अजमेर में यह सम्मेलन होने से विश्व में अच्छा संदेश जाएगा। (राजस्थान पत्रिका)


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