dani

उत्तरप्रदेश के आजमगढ़ के करीब कोल्हापुर के रहने वाले रिज़ाजुद्दीन खान दानिश दो दिन पहले LOC पर पाकिस्तान की गोलीबारी में शहीद हो गये थे. उनको पुरे समान के साथ शुक्रवार को सुपुर्द ए ख़ाक किया गया. इस दौरान यूपी सरकार और केंद्र सरकार की और से कोई भी नुमाइंदा शहीद के परिवार को सांत्वना देने हाजिर नहीं हुआ.

25 वर्षीय दानिश खान कश्मीर में तैनात थे. दानिश का निकाह को 9 महीने का भी वक्त नहीं गुजरा था कि उनकी पत्नी विधवा हो गई. इस दौरान परिवार वालों को रो-रोकर बुरा हाल हैं. हालाँकि देश पर बेटे की जान कुर्बान करने पर माता-पिता को गर्व भी हैं.

dan1

लेकिन सबसे बड़ी शर्मिंदगी की बात हैं कि देश की सुरक्षा करते हुए अमर जवान के धर्म के कारण नेताओं और मीडिया कर्मियों की नज़रों में दानिश की शहादत की कोई कीमत नहीं रही. अल्पसंख्यकों के हित की बात कर उनका वोट हासिल करने वाले अखिलेश यादव सरकार का कोई मंत्री तो दूर प्रतिनिधि भी शहीद को आखिरी सलामी देने नहीं पहुंचा.

इसके अलावा स्थनीय न्यूज़पेपर से लेकर नेशनल न्यूज़ चैनल्स पर भी शहीद की शहादत के बारें में एक लाइन चैनल पर चलाना जरुरी नहीं समझा.


लाइक करें :-


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें

कमेंट ज़रूर करें

कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

Related Posts