जालौन जिले के गांव गिरथान में कुछ दि‍न पहले धार्मिक कार्यक्रम के बाद हुए भंडारा में कुछ दलि‍तों ने पूड़ी की डलिया छू ली। इसके बाद ऊँची जाति के ग्रामीणों ने भंडारे का बहिष्कार कर दलित को हुक्का -पानी बंद करने का फरमान जारी कर दिया। इस फरमान में कहा गया कि जो कोई दलितों की मदद करेगा उससे 1 हजार रुपए जुर्माना वसूला जाएगा और सरेआम 5 जूते भी मारे जाएंगे।

16 अप्रैल को गांव के मंदिर में धार्मिक कार्यक्रम के बाद सामूहिक भंडारे का आयोजन हुआ था।  इसमें दलितों से भी करीब 20 हजार रुपए चंदा लिया गया था. गांव के राम नारायण अहिरवार बताते हैं कि जमीन पर भोज चल रहा था। इसी बीच कुछ उत्साही दलित युवकों ने पूड़ी परोसने के लिए डलिया उठा ली।

ऊँची जाति की कुछ महिलाओं ने ऐसा होते देख खाना खाने से इनकार कर खाने का बहिष्कार कर दिया। बाद में दलितों अलग बैठकर खाने को कहा गया। इस पर दलित नाराज होकर वापस चले गए। घटना के दो दिन बाद शिकायत जिला प्रशासन से की गई। यहां अधिकारियों ने दोनों पक्षों से समझौते के कागज पर साइन करा लिये ओर कहा कि आगे कोई दिक्कत नहीं होगी।  प्रशासन की और से गांव में दलितों की घटना के बाद कोई मदद नहीं की गई।


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