wat
Symbolic

गुजरात के मेहसाणा जिले में आज़ादी के 70 बरस बाद आज भी दलितों को सदियों से चले आ रहे जुल्म और ऊँच-नीच से निजात नहीं मिली हैं. आज भी ऊँची जातियों द्वारा दलितों का अपमान करना बा दस्तूर जारी हैं.

जिले के बेचाराजी गांव में आज भी दलितों को पीने तक का पानी नहीं मिलता हैं. 20 हजार लोगों के इस गांव में 200 दलित परिवार हैं. जो हर रोज घंटो इन्तेजार के बाद यदि ऐसे में कोई दयावान व्यक्ति आ जाता हैं तो पानी मिल जाता हैं. अन्यथा कुए से खाली हाथ लोटना पड़ता हैं. यह गाँव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल के गृह जिले में है.

इस बारें में गांव की एक महिला ने जानकारी सदेते हुए कहा कि पानी के लिए सबसे पहले अपना नंबर लगाने के बाद भी हमें (दलित महिलाएं) घंटो पानी के लिए इंतजार करना पड़ता है. उच्च जातिये महिलाओं के सामने गिड़गिडा़ना पड़ता है या किसी दयालु महिला की प्रतीक्षा करनी पड़ती है. वे हमारे पानी के बर्तनों में ऊंचाई से पानी डालती है ताकि उनके बर्तन भी अपवित्र न हो जाये.

दूसरी ओर गांव के सरपंच कानूभाई भारवड़ के पिता कहते हैं कि हम दलितों को कुएं से पानी निकालने की अनुमति नहीं देते. यह हमारी परंपरा है और हम इसे मानते है.


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment

Related Posts

loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें
SHARE