बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली में 11 साल की एक दलित बच्ची की दुष्कर्म के बाद हैवानियत की हद पार कर हत्या किए जाने की वारदात ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। नवाबगंज क्षेत्र के आनंदापुर गांव की चौथी कक्षा की छात्रा शुक्रवार दोपहर अपनी मां के साथ खेत में गई थी। मां ने किसी काम से घर भेजा मगर लड़की घर नहीं पहुंची। रात में उसका नग्न शव गांव के एक सरसों के खेत से बरामद हुआ।

किसी वहशी दरिंदे ने इस मासूम से दुराचार करने के बाद बेरहमी से उसके गुप्तांग में सरसों की डंठल डाला और फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इस वारदात को लेकर आम आदमी, सामाजिक संगठनों और सियासी पार्टियों सभी में गुस्सा है। 

पुलिस ने क्या कहा?
– पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमार मीणा ने कहा- तहरीर के अनुसार बच्ची अपनी मां के साथ खेत में काम करने गई थी। मां ने थोड़ी देर बाद उसे कोई सामान लेकर घर भेज दिया लेकिन बच्ची घर नहीं पहुंची। 
– देर शाम सरसों के खेत में उसका नग्न शव बरामद हुआ। हत्यारों ने उसके गुप्तांग में सरसों की डंठल तक डाल दी थी। लड़की से बलात्कार और गला दबाकर हत्या की पुष्टि हो गई है। 
– गुप्तांग में डंडा डालने के संबंध में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।’ 
– मीणा ने माना कि घटना वीभत्स है और पुलिस हत्यारों तक पहुंचने में कोई कसर बाकी नहीं रखेगी।
– हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस के स्पेशल आपरेशन ग्रुप (एसओजी) क्राइम ब्रांच के साथ ही स्थानीय पुलिस की तीन टीमें बनाई गई हैं। 
– बच्ची की पिता की ओर से भारतीय दण्ड संहिता की धारा 302, 376, 201 और 4 पास्को अधिनियम के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
– घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपमहानिरीक्षक आशुतोष कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। बच्ची के मां-बाप से मुलाकात की और हत्यारों को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए आश्वस्त किया।
फांसी देने की मांग उठी
इस घटना को सूबे की ‘चरमराई कानून व्यवस्था’ से जोड़कर देख रहे विपक्ष ने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी नहीं होने पर सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दे डाली है। सामाजिक संगठनों ने भी इस वारदात पर गम और गुस्से का इजहार करते हुए अभियुक्त को पकड़कर फांसी देने की मांग को लेकर शहर में कैंडल मार्च निकालने का एलान किया है।
विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना 
दूसरी ओर, घटना से गुस्साए विपक्ष ने इसे सपा सरकार के कार्यकाल में बदमाशों के बेखौफ होने का परिणाम बताया और कहा कि इस मामले को सदन में उठाया जाएगा। विधानसभा में नेता विपक्ष और बहुजन समाज पार्टी के महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि मामला काफी गंभीर है। वह इस मामले को सदन में उठाएंगे। मौर्य ने कहा कि राज्य की कानून व्यवस्था बदतर हो गई है। गुण्डा, माफिया इस कदर सक्रिय हो गए हैं कि आम लोगों का जीना दूभर हो गया है। सपा सरकार में अपराधी बेखौफ हैं।
लखीमपुर में तीन बहनों का किडनैप
हाल ही में लखीमपुर में तीन बहनों का अपहरण हो गया था। मुख्यमंत्री के निर्देश के बावजूद पुलिस लडकियों को बरामद नहीं कर सकी। बाद में उनके माता-पिता ने फिरौती की रकम देकर लड़कियों को मुक्त कराया। उन्होंने कहा कि सदन चलने का भी डर नहीं रह गया है। सरकार अपराधियों के सामने बेबस है। इसीलिए असामाजिक तत्व कानून तोड रहे हैं। (राजस्थान पत्रिक)

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