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जोधपुर के बहुचर्चित बहुचर्चित आरिफा मामले में पायल सिंघवी उर्फ आरिफा को राजस्थान हाईकोर्ट ने उसके शौहर के साथ ससुराल भेज दिया है.

ध्यान रहे रहे युवती के परिवार की और से युवती का जबरन धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया गया था. जिसके बाद से ही कथित ‘लव जेहाद’ के नाम पर भगवा संगठनों ने पुरे राज्य में बवाल मचाया हुआ था. अब इस मामले में कोर्ट ने आरिफा की मर्जी पर उसे उसके शौहर के साथ रहने की इजाजत दे दी है.

मंगलवार को जोधपुर में जस्टिस गोपाल कृष्ण व्यास की खंड पीठ के सामने पायल उर्फ़ आरिफ़ा ने पायल उर्फ़ आरिफा की मर्ज़ी पूछी. उसने अदालत को बताया कि वह न तो वो अपने माता पिता के घर जाना चाहती है, न ही नारी निकेतन में रहना चाहती हैं. इसके बाद अदालत ने कहा कि वह बालिग हैं और उन्हें अपनी मर्ज़ी से कहीं भी रहने का हक़ है.

इसके बाद कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिए कि युवती को उसकी इच्छानुसार पुलिस सुरक्षा के बीच जहां वह चाहती है पहुंचा दिया जाए. कोर्ट में युवती को उसकी इच्छानुसार भेजने के निर्देश के बाद भगवा संगठनों ने हाईकोर्ट परिसर में जमकर हंगामा किया और युवक के वकील के साथ दुर्व्यवहार किया.

पायल उर्फ़ आरिफा ने इस साल अप्रैल में जोधपुर के फ़ैज़ मोदी से शादी कर इस्लाम अपना लिया था. हालांकि पायल के परिजनों ने आरोप लगाया था कि उस आपत्तिजनक तस्वीरों के सहारे ब्लैकमेल किया गया. याचिका में यह भी कहा गया था कि उसका निकाहनामा फर्जी है और जबरन धर्म परिवर्तन कराने के बाद बनवाया गया है.


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