constable ashish put explosive in hostel says ATS chief

उज्जैन के एक हॉस्टल में बड़ी मात्रा में विस्फोटक मिलने के बाद ये बताया जा रहा था कि इस विस्फोटक सामग्री से सिंहस्थ के दौरान शहर को दहलाने की साजिश रची गई थी. लेकिन अब एटीएस चीफ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले को नया मोड़ देते हुए ये खुलासा किया है कि बरामद

किया गया विस्फोटक किसी आतंकी साजिश के तहत नहीं बल्कि एक कांस्टेबल ने अपने साथी को फंसाने के लिए रखवाया था.

एटीएस चीफ संजीव शमी ने मीडिया को बताया कि नानाखेड़ा के बॉयज हॉस्टल में भारी मात्रा में मिले विस्फोटक आतंकी साजिश के लिए नहीं था. उन्होंने बताया कि इंदौर लोकायुक्त में कांस्टेबल के पद पर पदस्थ आशीष चंदेल ने अपनी साथी को फंसाने के लिए ये साजिश रचते हुए बॉयज होस्टल में विस्फोटक रखवाया था. बताया जा रहा है कि आशीष इससे पहले उज्जैन लोकायुक्त में पदस्थ था और वहां के कई साथियों से उसकी बनती नहीं थी.

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इस साजिश में उसका साथ एक प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड सुशील मिश्रा ने दिया था. एटीएस चीफ संजीव समी के अनुसार सुशील मिश्रा पहले अशोक नगर स्थित माइनिंग में सिक्युरिटी गार्ड था, जिस वजह से वो विस्फोटक का इंतजाम करने में कामयाब रहा और उस विस्फोटक को हॉस्टल के कमरा नंबर 212 में रख दिया.

एटीएस ने दोनों ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं खुलासा होने के बाद साजिश रचने वाले कांस्टेबल आशीष चंदेल को बर्खास्त कर दिया गया है.

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दूसरी ओर एटीएस चीफ के इस बयान के बाद अब इस पूरे खुलासे पर ही सवाल उठने लगे हैं. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब एटीएस चीफ से मीडिया ने इस साजिश के पीछे की असली वजह और जांच से संबंधित सवाल पूछे तो उन्होंने किसी भी सवाल का जवाब देने से इंकार कर दिया. जिसके बाद वो कॉन्फ्रेंस से उठकर चले गए. ऐसे में अब स्थिति ये है कि विस्फोटक मिलने के मामले में अब तक की गई एटीएस की जांच ही सवालों के घेरे में है.

मोबाइल ने खोला राज

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उज्जैन पुलिस को विस्फोटक के साथ एक मोबाइल फोन मिला था. ये मोबाइल में लगी सिम साजिश नाम की फर्जी आईडी से खरीदी गई थी. जब एटीएस ने मोबाइल की कॉल डीटेल निकाली, तो उसमें करीब आठ-दस लोगों से बातचीत होने की जानकारी मिली. एटीएस की अलग-अलग

टीम ने जब उन लोगों की धरपकड़ की और पूछताछ की, तो उनमें से एक शख्स आशीष चंदेल की गतिविधियों पर संदेह हुआ. आशीष से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो वो टूट गया और उसने अपने साथियों को फंसाने के लिए हॉस्टल में विस्फोटक रखने की बात कबूल ली.

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