मध्‍य प्रदेश के धार शहर पर एक बार फिर से सांप्रदायिक तनाव की तलवार लटकती दिख रही है।

मध्‍य प्रदेश के धार शहर पर एक बार फिर से सांप्रदायिक तनाव की तलवार लटकती दिख रही है। अगले महीने की 12 तारीख यानि बसंत पंचमी के दिन हिंदू और मुसलमान दोनों समुदाय विवादित भोजशाला-कमल मौला मस्जिद स्‍थल का दौरा करेंगे। आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया(एएसआई) इस विवादित जगह की देखरेख करता है और उसने हिंदुओं को मंगलवार व बसंत पंचमी और मुसलमानों को शुक्रवार को इस जगह पर आने की अनुमति दे रखी है।

अगले महीने की 12 तारीख को शुक्रवार है और इसी दिन बसंत पंचमी भी इसके चलते दोनों समुदाय यहां पर आएंगे। इसे देखते हुए प्रशासन के हाथ पांव फूल गए हैं क्‍योंकि दोनों समुदाय यहां पर प्रार्थना करने पर अड़े हुए हैं। तीन साल पहले 2013 में भी शुक्रवार के दिन ही बसंत पंचमी आई थी और इसके चलते काफी तनाव हुआ था। इस दौरान हुई हिंसा के बाद पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी थी क्‍योंकि हिंदुओं ने जगह छोड़ने से इनकार कर दिया था।

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एएसआई ने मुसलमानों को दोपहर एक व तीन बजे और हिेंदुओं को सूर्योदय से दोपहर एक बजे और दोपहर तीन से शाम तक पूजा करने को कहा गया था। इस मामले के स्‍थाई समाधान के लिए मध्‍य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बैंच में रिट लगी हुई है। इस मामले में हिंदुओं के पक्ष के नेता अशोक जैन ने इंडियन एक्‍सप्रेस को बताया कि बसंत पंचमी के दिन वे चाहे जो व्‍यवस्‍था करें लेकिन हम भोजशाला से नहीं हटेंगे और पूरे दिन पूजा करेंगे। हम लाठियों का सामना करने को तैयार है। क्‍यों नहीं मुसलमान वहां पर एक दिन नमाज अदा न करने का बलिदान करते हैं।

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वहीं एडीएम अमर सिंह बघेल का कहना है कि हम सभी आवश्‍यक कदम उठाएंगे। हम एएसआई के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। एएसआई भोपाल सर्किल के सुपरिटेंडिंग जुल्फिकार अली का कहना है कि हमने एएसआई के डीजी को मामले से अवगत कराया है और उनके निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।

मुस्लिम समुदाय का प्रतिनिधित्‍व करने वाले एडवोकेट निसार अहमद ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही है लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला है। हिंदू जोर दे रहे हैं कि हम उस दिन नमाज अदा नहीं करे। इस मामले में कई हिंदुओं और मुसलमानों ने जनहित याचिकाएं दायर कर रखी है। याचिकाकर्ताओं के वकील अशोक चिताले का कहना है कि केवल न्‍यायिक आदेश या विधायिका के दखल से ही समस्‍या का अंत हो सकता है।

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निसार अहमद और चिताले दोनों ने ही याचिका का जवाब न देने के लिए केन्‍द्र और राज्‍य सरकार पर आरोप लगाया। इस मामले में अगली सुनवाई दो फरवरी को होगी। साभार: जनसत्ता


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