उत्तर प्रदेश की जनता को स्वास्थ्य सुविधा देने में नाकाम होती योगी सरकार अब अपनी नाकामी को छुपाने के लिए सरकारी कर्मचारियों को बलि का बकरा बना रही है.

हाल ही में गोरखपुर हादसे में ऑक्सीजन की कमी के चलते बच्चों की मौतों का खुलासा करने वाले डॉ कफील खान को जेल में डाल दिया गया. अब फर्रुखाबाद मामले में 49 बच्चों की मौत की वजह ऑक्सीजन की कमी बताने वाले डीएम का तबादला कर दिया गया.

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इतना ही नहीं सीएम योगी ने डीएम की और से सीएमओ और सीएमएस के खिलाफ कराई गई एफआईआर पर भी रोक लगा दी गई. दरअसल डीएम ने न्य्यायिक जांच के बाद सीएमओ डॉ. उमाकांत, सीएमएस डॉ. अखिलेश अग्रवाल और नवजात शिशु देखभाल यूनिट के इंचार्ज डॉ. कैलाश के खिलाफ आईपीसी के सेक्शन 176/188 और 304 में एफआईआर करवाई थी.

उन्होंने अपनी रिपोर्ट में डाक्टर राममनोहर लोहिया संयुक्त अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में 49 बच्चों की मौत की मुख्य वजह पेरीनेटल एस्फिक्सिया यानी आक्सीजन की कमी को पाया था. अब इस मामले में योगी सरकार का कहना है कि डीएम साहब झूठ बोल रहे है.

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