कॉरपोरल पनिशमेंट के दायरे में टीचर्स व स्कूल प्रशासन के साथ अभिभावक भी

पटना : पहले बच्चों को दंड देने, डांटने और मारपीट करने पर स्कूल प्रशासन पर कार्रवाई होती थी. लेकिन, अब अगर कोई माता-पिता अपने बच्चों के साथ मारपीट करेंगे, दंड देंगे तो उन पर भी कार्रवाई की जायेगी. कार्रवाई के तौर पर माता-पिता को जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है.
 इस संबंध में तमाम सीबीएसइ और आइसीएसइ बोर्ड के साथ स्टेट बोर्ड के स्कूलों को सूचना दे दी गयी है. स्कूल के पास आयी सूचना के अनुसार अभी तक काॅरपोरल पनिशमेंट में केवल टीचर्स या स्कूल प्रशासन ही शामिल होते थे, लेकिन किशोर न्याय अधिनियम के तहत इसमें अभिभावक को भी जोड़े गये हैं. इस नियम के अनुसार 15 साल तक के बच्चों के साथ माता-पिता मारपीट नहीं कर सकते हैं.
तीन से दस साल की सजा
बच्चों से मारपीट करने पर माता-पिता को तीन से दस साल तक की सजा हो सकती है. इसके अलावा पांच लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है. अगर कोई अभिभावक अपने बच्चे के ऊपर किसी तरह का दबाव भी डालते हैं, तो वो भी काॅरपोरल पनिशमेंट के अंदर आ जायेंगे. ऐसे में अगर अभिभावक की शिकायत कोई भी करता है, तो उन अभिभावक के ऊपर कार्रवाई की जायेगी.
माता-पिता बच्चों को उनके हित के लिए डांटते या मारते हैं. इस तरह के नियम बनाने से पहले सरकार को सोचना चाहिए था. इससे हमारे समाज पर बुरा असर पड़ेगा.
प्रीति सिंह, अभिभावक, बेली रोड
हमारे देश में माता-पिता के भय का सिस्टम रहा है. अगर बच्चों में माता-पिता का डर खत्म हो जायेगा, तो इसका असर उनके भविष्य पर पड़ेगा. ऐसे में यह कानून गलत है. समाज के लिए यह सही नहीं है.
राकेश पाल, अभिभावक, अल्पना मार्केट, पाटलिपुत्र   (prabhatkhabar)

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