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चीफ जस्टिस दीपक गुप्ता की बेंच ने सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा कर अवैध मंदिर बनाये जानें को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए आदेश दिया कि किसी भी व्यक्ति या आध्यात्मिक सोच रखने वाले व्यक्ति को सार्वजनिक स्थान पर मंदिर बनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती.

हाईकोर्ट ने टिपण्णी कर कहा कि यदि इतनी ही ज्यादा धार्मिक आस्था हैं तो खुद से जमीन खरीदकर मंदिर बनाया जाए. सरकारी जमीन पर कब्जा होने की स्थिति में कोई भी आम नागरिक इसका विरोध कर सकता है. दरअसल जांजगीर-चांपा में नया बस स्टैंड, केरा रोड के पास 5 डिसमिल सरकारी जमीन पर कब्जा कर सांई बाबा का मंदिर बना दिया गया था.

जिसके बाद की गई शिकायत के आधार पर तहसीलदार ने जांच करते हुए मंदिर को ढहाने का आदेश दिया. लेकिन इसी बीच हाईकोर्ट में याचिका लगाई दी गई. सिंगल बेंच ने 21 मार्च 2016 को दिए गए आदेश में केंद्र शासन विरुद्ध गुजरात राज्य व अन्य के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश का हवाला देते हुए राज्य शासन, जांजगीर-चांपा कलेक्टर को नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश देते हुए निराकृत कर दिया था.

इस आदेश के खिलाफ फिर से अपील की गई जिसकी सुनवाई चीफ जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस पी सैम कोशी की बेंच में हुई. सुनवाई पर आदेश देते हुए अदालत ने मंदिर बनाने वाले लोगों की भावनाओं का ख्याल रखते हुए उन्हें 20 नवंबर तक खुद ही निर्माण ढहाने को कहा है. अन्यथा इस अवधि में निर्माण नहीं ढहाने की स्थिति में राज्य शासन को तत्काल कार्रवाई करते हुए निर्माण ढहाने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.


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