छत्तीसगढ़ की रमन सिंह सरकार एक बार फिर मुसीबतों में घि‍र सकती है. कैग की ताजा रिपोर्ट में राज्य में 9,500 करोड़ की वित्तीय अनियमितताओं की बात सामने आई है. इसमें उद्योपतियों को अनुचित रूप से लाभ पहुंचाने का भी आरोप लगाया गया है.

विधानसभा में गुरुवार को पेश किए गए छत्तीसगढ़ महालेखाकार की रिपोर्ट में विभिन्न विभागों और मदों में वित्तीय अनियमितता की बात सामने आई है. इसमें कहा गया है कि राज्य में उद्योपतियों को 325 करोड़ रुपये का अनुचित लाभ पहुंचाया गया. जबकि शराब ठेकेदारों को भी 53.65 करोड़ के अनुचित लाभ की बात सामने आई है.

गौरतलब है कि इससे पहले 2015 में भी कैग ने वित्त वर्ष 2010-11 ऑडिट रिपोर्ट (सिविल एंड कमर्शियल) में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम (सीएमडीसी) द्वारा केंद्र से आवंटित ब्लॉक से कोयले के व्यावसायिक खनन के लिए सिर्फ एक बोली स्वीकार करने के लिए उसकी खिंचाई की थी. रिपोर्ट में कहा गया कि राज्य में कोयला ब्लॉक आवंटन पर 1,054 करोड़ रुपये का संभावित नुकसान हुआ. हालांकि रमन सिंह की सरकार ने रिपोर्ट को ‘काल्पनिक’ बता दिया. (aajtak)


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