NDTV

आईसीसी चैंपियन ट्राफी के फाइनल में पाकिस्तान की जीत के बाद मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में देर रात को पुलिस ने पाकिस्तान की जीत की ख़ुशी मनाने का आरोप लगाते हुए देशद्रोह के आरोप में अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के 15 युवकों को उठाया था, हालांकि बाद में इन सभी पर से देशद्रोह के आरोप हटाते हुए साम्प्रदायिक माहोल बिगाड़ने और शांति भंग करने का मामला दर्ज किया था.

इस मामलें में अब बड़ा खुलासा हुआ है. एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने जिस शिकायतकर्ता की शिकायत पर मामला दर्ज करने का दावा किया है उसका कहना है कि ये पूरा मामला ही फर्जी है. उसने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है.

और पढ़े -   कांग्रेस नेता को मौत की धमकी - भारत में रहते ही जिंदा रहना तो मोदी-मोदी कहना होगा

मुख्य शिकायतकर्ता सुभाष कोली ने बताया कि उन्हें जबरन गवाह बनाया गया है. उन्होंने कहा कि उन्होंने पुलिस को सूचित नहीं किया था. वह रविवार को एक पड़ोसी की मदद करने के लिए थाने गया थे जिसे नारे लगाने के आरोप में पुलिस ले गई थी. सोमवार को वह थाने में था इसलिए पुलिस ने उसे ही गवाह बना दिया. कोली ने कहा उस दिन नारे लगे लेकिन ‘वंदे मातरम’ और  ‘भारत माता की जय’ के नारे लगे.

और पढ़े -   विदेश भागने की अफवाह पर डॉ कफील बोले - मुझे बलि का बकरा बनाया जा रहा, मेरा कोई कसूर नहीं

सुभाष कोली का पेशा डिश एंटीना ठीक करना है. उनकी शिकायत है पुलिस ने उनसे गलत बयान लेकर उनके गांव मोहाग के 15 लोगों के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज कर लिया, जबकि वह उस दिन गांव में मौजूद तक नहीं था. कोली ने बाकायदा अब कोर्ट में हलफनामा देकर कहा है कि पुलिस ने 15 युवकों के खिलाफ झूठा केस गढ़ा है.

जबकि शाहपुर थाने के प्रभारी संजय पाठक ने पहले कहा था “सुभाष कोली ने सोमवार को गांव में पाक की जीत पर देश विरोधी नारे लगाने की शिकायत की थी. शिकायत के आधार पर 15 लोगों के खिलाफ धारा 120बी (साजिश) और 124ए (देश विरोधी गतिविधि) के तहत मामला दर्ज किया गया था.’

और पढ़े -   मध्यप्रदेश: शिवराज के मंत्री ने किया स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रध्वज का अपमान

पुलिस अब कह रही है कि उसे कोली के दावों के बारे में नहीं पता अगर औपचारिक शिकायत आई तो वे जांच करेंगे. एसपी आरआरएस परिहार ने कहा हमारे पास जो सूचना है, जब पुलिस वहां पहुंची उस वक्त भी आरोपी पटाखे फोड़ रहे थे. उन्हें रंगे हाथ पकड़ा है. जिसने पहली सूचना दी वह फरियादी है. अगर कुछ तथ्य आगे मिले तो हम जांच कराएंगे.


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE