गौरक्षा के नाम पर सरकारी आवंटन के साथ आम जनता से लिए गए चंदे को भी डकार लिया जाता हैं और इन गौमाताओ को सड़कों पर भूखी-प्यासी तड़पने के लिए छोड़ दिया जाता हैं. जो सड़क दुर्घटनाओं का सबब और शिकार दोनों बन रह हैं.

चार दिन पहले बीकानेर में अमरसिंहपुरा क्षेत्र स्थित वैष्णोदेवी माता व सोमारनाथ महादेव मंदिर के निकट गाय का बछड़ा गाड़ी की टक्कर से घायल हो गया था. घायल बछड़ा कुछ दूर तक तो जैसे-तैसे चला लेकिन थोडी दूर चलने के बाद बछड़े जमीन पर गिर पड़ा.

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बछड़े की ये हालात स्थानीय निवासी मनफुल अली से देखी नहीं गई. मनफुल इलाज के लिए बछड़े को अपने घर लेकर आ गयें. इस दौरान उन्होंने घायल बछड़े को पशु चिकित्सक को दिखाया. पशु चिकित्सक ने घायल बछड़े को इंजेक्शन लगाकर गोगागेट स्थित पशु चिकित्सालय में भेजने की बात कही. पशु चिकित्सक ने बछड़े की एक टांग में फ्रेक्चर होने की भी आशंका जताई.

मनफुल ने बताया कि इस घायल बछड़े को गोगागेट अस्पताल में ले जाने के लिए वाहन चालकों से संपर्क किया, लेकिन उचित किराया चुकाने की बात कहने के बावजूद भी कोई भी वाहन चालक इस घायल बछड़े को गोगागेट अस्पताल ले जाने के लिए तैयार नहीं है.

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मुसलमान परिवार इस आस में लगा हुआ कि कभी कोई नगर निगम व प्रशासन की ओर से सहयोग मिलें तो इस घायल बछड़े को पशुचिकित्सालय में पहुंचाकर उसको टांग को सही किया जा सकें.


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