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सरकार द्वारा एक तरफ देशभक्ति का हवाला देकर चीनी सामानों के बहिष्कार कर स्वदेशी चीज-वस्तुएं खरीदने की अपील की जा रही हैं. वहीँ दूसरी तरफ गुजरात सरकार ‘वायब्रेंट गुजरात समिट’ के लिए चीन के साथ एमओयू करने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल कृषि ओर सहकारी विभाग के सचिव संजय प्रसाद के नेतृत्व में चीन के चार दिन के दौरे पर भेजा हैं.

इस प्रतिनिधिमंडल ने वायब्रेंट गुजरात के प्रमोशन के लिए इंटरनेशनल रोड शो किया. राज्य सरकार के इस प्रतिनिधिमंडल के साथ राज्य की 24 कंपनियों के प्रतिनिधि भी मौजूद हैं. इसमें बीजिंग में 150 से अधिक, गुआंगजो में 90 और शेन्जेन में 30 से अधिक स्थानीय कंपनियों ने एमओयू के लिए रुचि दिखाई है.

टेक्सटाइल्स, सोलर एनर्जी, फायबर ग्लास, ओटोमोबाइल्स, वेस्ट प्रोसेसिंग, सोफ्टवेयर टेक्नोलाजी, इन्स्ट्रीयल पार्क, इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्टस के लिए चीनी कंपनियों के साथ हुए करार के बाद 35 एमओयू भी किये गये हैं.

इसमें चीन की कंपनियां जैसे कि डाइनाग्रीन एन्वायर्नमेंन्ट प्रोटेक्शन ग्रुप, जेसीएचके होल्डिंग्स, चेंग्डु जिंगरोंग ग्रुप, पेसिफिक कन्स्ट्रक्शन, जेडटीई सोफ्ट टेकनोलाजी, सिनोंमा ताइशन फायबर ग्लास इंक आदि शामिल हैं.


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