salil

देश भर में कथित राष्ट्रवाद को लेकर किस तरह जुल्म किया जा रहा हैं. इसका एक नमूना पणजी में पेश आया है. जहाँ एक अपाहिज व्यक्ति को इसलिए पीटा गया क्योंकि वह राष्ट्रगान के दौरान खड़े होने में असमर्थ था\.

प्राप्त जानकारी के अनुसार लेखक और विकलांग कार्यकर्ता सलिल चतुर्वेदी रजनीकांत की फिल्म कबाली देखने के लिए पणजी के मल्टीप्लेक्स में गए थे. फिल्म शुरू होने से पहले जैसे ही राष्ट्रगान शुरू हुआ. उनके पास मौजूद एक कपल खड़ा होकर राष्ट्रगान गाने लगा. इस दौरान खड़े होने से असमर्थ सलिल राष्ट्रगान के दौरान खड़े नहीं हो पाए.

सलिल को बैठा देख उस शख्‍स उन्हे धक्‍का दिया और पत्‍नी चिल्‍लाकर कहने लगी ‘ ये आदमी उठ क्‍यों नहीं सकता है. सलिल इस दौरान शांत रहें. यहाँ तक कि उस शख्स ने उन्हें थप्पड़ तक मार दिया. बाद में गलती का एहसास होने पर वह कपल बाहर चला गया.

इस बारें में सलिल ने कहा कि इसके बाद वह कभी फिल्म देखने नहीं गए. मुझे नहीं समझ पता हूं कि देशभक्ति जताने के लिए लोग गैर आक्रामक तरीका नहीं अपना सकते हैं? राष्ट्रीय गान बजने के बाद भी अगर मैं खड़ा हो सका तो नहीं होऊंगा क्योकिं ऐसा करने के लिए मजबूर किया जाएगा. मेरे पिता एक वायु सेना के एक अनुभवी व्यक्ति है. मैंने ऑस्ट्रेलियाई ओपन में व्हीलचेयर टेनिस में देश का प्रतिनिधित्व किया है. मेरे जीवन को देखो, कौन होते हो आप लोग ये न्याय करने वाले कि मुझे भारत से कितना प्यार है?


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