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शिवपुरी। जिले में पानी को लेकर हालात दिन पर दिन खतरनाक होते जा रहे हैं। शहर सहित तमाम ग्रामीण इलाकों में मई के पहले सप्ताह में लोगों को पानी नसीब नहीं हो पा रहा है, जिसके चलते खूनी संघर्ष के हालात बनने लगे हैं। सोमवार-मंगलवार रात पेश आया, जहां बदरवास के अटलपुर में पंचायत के टैंकर से एक कट्टी पानी ज्यादा भरने को लेकर कुल्हाड़ी चलीं, ईंटें फेंकी गईं और तीन लोग मरणासन्न् हालत में जा पहुंचे।
वहीं दूसरी ओर 60 किलोमीटर दूर पोहरी की मारोरा पंचायत के ग्राम बरखेड़ा से आधा सैकड़ा ग्रामीण तो पेयजल संकट से त्रस्त होकर कलेक्टर के दफ्तर में ही खाली बर्तन और कट्टियां लेकर शिवपुरी पहुंचे, यही स्थिति जिलेभर में हैं और दिन गुजरने के साथ-साथ पेयजल संकट विकराल होता जा रहा है।
प्रशासन से लेकर स्थानीय निकायों के पास फिलहाल तेजी से बढ़ रहे और हिंसक हो रहे पेयजल संकट के निदान की कोई ठोस रणनीति नजर नहीं आ रही। मई का पहला हफ्ता, तापमान 43 डिग्री के ऊपर है और ऐसे में 80 फीसदी जलस्रोत सूख गए हैं। 17 लाख की आबादी वाले जिले में एक-एक बूंद के लिए आवाम संघ्ार्ष कर रही है।
टैंकर पर टकराहट और चल गईं कुल्हाड़ी
ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के लिए संघ्ार्ष किस कदर हो रहा है, इसकी नजीर बदरवास के ग्राम अटलपुर में सोमवार की रात सामने आई। गांव के मोकम सिंह पुत्र मिश्रीलाल धाकड़ (54) निवासी अटलपुर पंचायत के टैंकर से पानी भर रहे थे, वहीं आकर परमाल सिंह धाकड़, बलवीर धाकड़, जवाहर, अर्जुन धाकड़, रामलाल धाकड़ निवासी अटलपुर पानी भरने लगे। पहले पानी भरने को लेकर दोनों पक्षों में मुंहवाद हुआ, मामला इतना बढ़ गया कि फरियादी का भाई रामकृष्ण धाकड़ जब पानी की भरी कट्टी ले जाने लगा तो बलवीर धाकड़ ने रामकृष्ण (40) पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। रामकृष्ण के बीच-बचाव में आई हल्की बाई को भी आरोपियों ने ईंट मारकर घायल कर दिया। आरोपियों ने धनवंती को भी घायल कर दिया।
हैंडपंप खराब, बोर की बिजली काटी तो खाली बर्तन लेकर कलेक्टर के पास पहुंचे
पेयजल समस्या के पीछे एक बड़ा कारण उचित प्रबंधन का न होना भी है। पोहरी विकासखंड की ग्राम पंचायत मारौरा के बरखेड़ा के 50 से अधिक महिला, पुरुष व बच्चे खाली कट्टियां व बर्तन लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय का घ्ोराव करने जा पहुंचे।
ग्रामीणों का कहना था कि जलसंकट से मवेशी मर रहे हैं तो हमें भी बूंद-बूंद पानी के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि गांव के हैंडपंप दम तोड़ चुके हैं। एक नलकूप के सहारे काम चल रहा था, लेकिन बीते रोज बिजली कंपनी के लोग इसका भी कनेक्शन काट गए। ग्रामीणों ने यहां तक चेतावनी दी कि पानी नहीं मिला तो वे परिवार सहित कलेक्ट्रेट में ही डेरा डाल लेंगे।
लगातार बढ़ रहे हैं झगड़े
पानी को लेकर मई के पहले हफ्ते तक ही झगड़े व विवाद बढ़ते जा रहे हैं। हफ्तेभर पहले सईसपुरा चिलौद क्षेत्र में पेयजल वितरण के लिए पहुंचे बड़े टैंकर पर विवाद के बाद उसका कांच फोड़ दिया तो फतेहपुर क्षेत्र में टैंकर चालक से अभद्रता कर दी गई। हाइडेंट पर आए दिन हो रहे झगड़ों के बाद नपा ने सीआरपीएफ के यहां से पानी भरवाने के ऐवज में सुरक्षा तक की मांग की है। 15 दिन पहले पार्षद पति अनिल बघेल ने पेयजल वितरण में पक्षपात बरतने का आरोप लगाकर नगर पालिका के जल वितरण प्रभारी केएम गुप्ता को धमकी तक दे डाली थी।
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