‘सबका साथ, सबका विकास’ का दावा करने वाली केंद्र की मोदी सरकार मुस्लिमों की सुरक्षा करने में नाकाम तो थी ही सही लेकिन वह अपनी पार्टी के नेताओं को भी गौरक्षा के नाम पर हो रही हिंसा से तक नहीं बचा पाने में अक्षम है.

दरअसल, सोशल मीडिया पर नागपुर का जो वीडियो वायरल हो रहा जिसमे कथित तौर बीफ ले जाने को लेकर जिस युवक की पिटाई की गई है. वह खुद एक बीजेपी नेता है. युवक का नाम सलीम इस्माइल शाह है. जो बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा का सदस्य है.

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कटोल के रहने वाले सलीम इस्माइल शाह 15 किलो मीट लेकर मोटरसाइकिल से अमनेर गांव से अपने घर लौट रहे थे. रास्ते में उन्हें चार लोगों ने घेर लिया और बीफ ले जाने का आरोप लगाकर पीटने लगे. जिसके चलते उन्हें गभीर चोट लगी. जिसके के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती भी कराया गया.

इस मामले में पुलिस ने सभी चारों आरोपियों मोरेश्वर तांडुलकर, अश्विन उइक, जनार्दन चौधरी और रामेश्वर तायवड़े पर गंभीर रूप से चोट पहुंचाने का मामला दर्ज किया है. ये सभी पांच दिन की पुलिस हिरासत में है. नागपुर देहात से पुलिस एसपी शैलेष बालकावड़े ने कहा कि शाह अभी सदमे में हैं और हम कोई जोखिम नहीं लेना चाहते इसलिए वे अभी चिक्तिसीय निगरानी में है.

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