राजस्थान में भाजपा की वसुंधरा राजे सरकार को सत्ताधारी दल के ही विधायक घेरने में लगे हुए हैं। सबसे ज्यादा वरिष्ठ विधायक घनश्याम तिवाड़ी ने सरकार की नीतियों और कार्यशैली को निशाना बनाया है।

राजस्थान में भाजपा की वसुंधरा राजे सरकार को सत्ताधारी दल के ही विधायक घेरने में लगे हुए हैं। सबसे ज्यादा वरिष्ठ विधायक घनश्याम तिवाड़ी ने सरकार की नीतियों और कार्यशैली को निशाना बनाया है। प्रदेश में बिजली से जुड़े मसलों पर भी गुरुवार को तिवाड़ी ने अपनी ही सरकार को आईना दिखाने का काम किया। उन्होंने नौकरशाही की तरफ से केंद्र की भाजपा सरकार को प्रदेश की दुर्दशा पर भी एतराज किया।

राज्य विधानसभा में प्रतिपक्षी दल कांग्रेस की कमजोरी के चलते भाजपा सरकार आसानी से सदन का सामना कर रही है। उसे सबसे ज्यादा परेशानी अपने ही दल के विधायकों की तरफ से उठाए जाने वाले मसलों पर हो रही है। विधानसभा में गुरुवार को बिजली बिल से जुड़े संशोधन प्रस्ताव पर पूर्व मंत्री और पार्टी के नाखुश विधायक तिवाड़ी ने अपनी ही सरकार की कार्यशैली पर तीखे तेवर अपनाए।

उन्होंने बिजली के मामलों में लाए गए बिल को वापस लेने के साथ ही बिजली कंपनियों की आडिट कराने पर जोर दिया। उनका कहना था कि केंद्र सरकार की उदय योजना से बिजली कंपनियों की हालत में सुधार होगा। इस दौरान उनकी संसदीय कार्य मंत्री राजेंद्र राठौड़ से एक बार फिर तीखी नोंकझोंक हुई। तिवाड़ी ने बाद में अपना संशोधन प्रस्ताव वापस ले लिया। इसके बावजूद उन्होंने कई बार वसुंधरा सरकार की बिजली नीतियों के साथ ही हर काम में निजीकरण की कार्यशैली की जमकर खिंचाई की।

वित्त और विनियोग विधेयक पर वरिष्ठ विधायक तिवाड़ी को नहीं बोलने दिया गया था। इससे नाराज तिवाड़ी की संसदीय कार्य मंत्री से भिड़ंत हो गई थी। तिवाड़ी का आरोप था कि अध्यक्ष की तरफ से समय मिलने के बावजूद उन्हें बोलने नहीं दिया गया। इस पर उन्होंने व्यवस्था का मसला उठाते हुए उपाध्यक्ष से फैसला करने को कहा। इस पर कोई निर्णय नहीं आने पर तिवाड़ी बुधवार को सदन से चले गए और अपनी ही सरकार की मुख्यमंत्री का जवाब नहीं सुना। तिवाड़ी की नाराजगी से भाजपा में हलचल भी मच गई। सरकार की कार्यशैली से पार्टी के कई विधायक नाखुश हैं।

विधायकों की नाराजगी की जानकारी भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व तक को है। प्रदेश भाजपा में सरकार से नाराज विधायकों की बढ़ती संख्या ने केंद्रीय नेतृत्व को परेशानी में डाल रखा है। प्रदेश भाजपा ने दो अप्रैल को यहां कार्यसमिति की बैठक बुलाई है।

इसके बाद प्रदेश भाजपा के नए पदाधिकारियों का एलान किया जाएगा। विधानसभा के बजट सत्र में भी कई मंत्रियों के कामकाज से विधायकों में नाराजगी पनपी हुई है। विधायकों की शिकायत है कि नौकरशाही के अडंÞगेबाजी से पूरी सरकार की छवि बिगड़ रही है। विधानसभा में कांग्रेस के सदस्यों की कम संख्या का फायदा सरकार को मिल रहा है, पर आम जनता के बीच सरकार की छवि मंत्रियों और अफसरों की कार्यशैली से बिगड़ रही है। (Jansatta)


लाइक करें :-


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें

कमेंट ज़रूर करें