नई दिल्‍ली: दिल्ली बीजेपी के विधायक ओम प्रकाश शर्मा को दिल्ली विधानसभा से अगले दो सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है। आज विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा हुई, लेकिन किसी तरह का कोई समझौता न होने के चलते ये बीच का रास्ता निकाला गया।

बीजेपी विधायक ओपी शर्मा दो सत्र के लिए दिल्ली विधानसभा से निलंबितकरीब दो घंटे अत्यंत नाटकीय और दिलचस्प बहस की शुरुआत आप विधायक भावना गौड़ के उस प्रस्ताव से हुई, जिसमें आचरण समिति ने बीजेपी विधायक ओपी शर्मा को आप विधायक अलका लांबा पर आपत्तिजनक टिपण्णी करने के लिए विधानसभा सदस्यता से बर्खास्त करने की बात कही गई।

इसके जवाब में सीएम केजरीवाल ने कहा कि हमको अपना दिल बड़ा करना चाहिए और बीजेपी विधायक को एक और मौका देना चाहिए और अगर उनको लगे की उनसे गलती हुई है और वो माफी मांग लें तो सदन को इस पर विचार करना चाहिए।

इसके जवाब में बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि ’67 लोग तीन लोगों को प्रताड़ित करने की कोशिश कर रहे हैं। आप लोग असहिष्णु हो रहे हैं। आचरण समिति में सभी सदस्य एक ही पार्टी के थे। आपको दूसरी पार्टी के लोग गवाह बनाने के लिए पूछने करने के लिए नहीं मिले।’

इस बीच समझौते की कोशिशें चलती रही। खुद स्पीकर राम निवास गोयल ने बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता को अलग से मिलने के लिए अपने कमरे में बुलाया।

आख़िरकार ओपी शर्मा बोलने के लिए खड़े हुए और अलका लांबा को ‘बहन’ कहकर भी संबोधित किया और कहा कि ‘अलका लांबा मेरी छोटी बहन हैं, अगर मेरे किसी वक्तव्य से उनको ठेस पहुंची तो मैं खेद प्रकट करता हूं।’ लेकिन ओपी शर्मा के खेद जताने से बात नहीं बनी और आम आदमी पार्टी की महिला विधायकों ने इस पर आपत्ति जताई। इसे बाद उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया खड़े हुए और बोले ‘अगर माननीय सदस्य माफ़ी मांगे और कहें आगे से नहीं करेंगे तो सदन इस पर विचार करे।’

इसके जवाब में बीजेपी विधायक ओपी शर्मा सदन से उठकर चले गए। इसके बाद फिर मनीष सिसोदिया उठे और बोले कि ‘उनके यहां से चले जाने का मतलब है कि उन्हें अपने किए का कोई मलाल नहीं है और वो माफ़ी भी नहीं मांगना चाहते, इसलिए दोनों तरफ की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए मैं प्रस्ताव रखता हूं कि ओपी शर्मा को अगले दो सत्र के लिए सदन से निलंबित किया जाए। इसके बाद प्रस्ताव पास कर दिया गया और बीजेपी विधायक ओपी शर्मा विधानसभा से दो सत्र के लिए निलंबित कर दिए गए।

आप विधायक अलका लांबा ने कहा कि ‘मैं सदन के इस फैसले का सम्मान करती हूं, लेकिन निराश हूं।’ (NDTV)


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