केंद्र की मोदी सरकार द्वारा गौरक्षा के लिए पशुओं की खरीद और बिक्री पर रोक लगाने के आदेश के खिलाफ मेघालय भाजपा के नेताओं ने पार्टी में बगावत का रुख अपना लिया है. भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर इस नियम को वापस नहीं लिया गया तो वे पार्टी छोड़ देंगे.

भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष जॉन एंटोनियस लिंगदोह ने आईएएनएस से कहा, “मेघालय में पार्टी के अधिकतर नेता नए नियम से खुश नहीं है, क्योंकि यह लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को प्रभावित करेगा. ”लिंगदोह ने कहा कि पार्टी सदस्यों ने मामले पर सोमवार को गहन विचार-विमर्श किया.

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पूर्व खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लिंगदोह ने कहा, “हम पशुओं की खरीद-फरोख्त और उनके वध को लेकर जारी किए गए नए आदेश को स्वीकार नहीं कर सकते. हम अपनी खाने-पीने की आदतों के खिलाफ नहीं जा सकते और न ही पशु खरीद-फरोख्त और पशु वध के कारोबार से जुड़े लोगों के आर्थिक हितों को अधर में डाल सकते है.” उन्होंने कहा, “पार्टी प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार करना बेहद मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि मतदाता ऐसी पार्टी का समर्थन नहीं करेंगे, जो जनहित के खिलाफ हो.”

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सोमवार को भाजपा नेता बर्नार्ड मरक ने कहा था कि उनकी पार्टी गोमांस पर प्रतिबंध नहीं लगाएगी, बल्कि अगर भाजपा राज्य में सत्ता में आती है तो बूचड़खानों को कानून-व्यवस्था के अनुरूप बनाएगी. मरक ने कहा था, “मेघालय में अधिकतर भाजपा नेता गोमांस खाते हैं. मेघालय जैसे राज्य में गोमांस पर प्रतिबंध लगाने का सवाल ही नहीं उठता.”


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