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गुजरात के उना में भगवा संगठनों द्वारा गौरक्षा के नाम पर दलितों की पिटाई के विरोध में पोरबंदर से बीजेपी के दलित नेता बाबू पंडवाड्रा ने शनिवार को अपने 200 समर्थकों के साथ पार्टी से इस्तीफा दे दिया हैं. उनका ये इस्तीफा रविवार को अहमदाबाद में होने वाले दलित महासम्मेलन से पहले दिया हैं.

पंडवाड्रा पोरबंदर के सोधाना गांव में हुई एक दलित किसान की हत्या के संबंध में पार्टी नेताओं के भेदभावपूर्ण व्यवहार से दुखी होकर बाबू पंडवाड्रा ने इस्तीफा दिया हैं. वह पिछले 26 साल से भी ज्यादा समय से पार्टी का हिस्सा थे. पंडवाड्रा गुजरात बीजेपी के एससी कमिटी के सदस्य थे.

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उन्होंने कहा, ’25 साल से सरकारी जमीन पर खेती कर रहे राम शिंगरखिया की हत्या कथित रूप से जुलाई में सोधाना गांव के सरपंच अरभाम कारावडारा ने 35 लोगों के साथ मिलकर की। कारावडारा ऊंची जाति (मीर) का था इसलिए स्थानीय कांग्रेस और बीजेपी के नेताओं ने उनके खिलाफ जांच रोकने की कोशिश की थी.’

उन्होंने राज्य के पार्टी अध्यक्ष विजय रुपानी को सौंपे अपने पत्र में  कहा कि सरकार राज्य में दलितों के साथ हो रहे भेदभाव को रोकने में असफल रही है.

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