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बिजनौर हत्याकांड में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े एक संगठन का हाथ सामने आया हैं. इस मामलें में पुलिस ने संघ से जुड़े वकीलों के संगठन अधिवक्ता संघ के ज़िला अध्यक्षकी गिरफ्तारी का प्रयास कियाजा रहा हैं. याद रहें कि अधिवक्ता संघ आरएसएस की एक इकाई है.

जानकारी के मुताबिक पुलिस ने इस मामले में वकील एेश्वर्य चौधरी को मुलजिम बनाया हैं साथ ही उसके गनर की तलाश में कई जगह छापेमारी कर रही है. यूपी पुलिस के एडीजी दलजीत चौधरी ने कहा है कि वकील एेश्वर्य को इस केस में मुलज़िम बनाया गया है. उन्होंने अपने गनर के साथ हिंसक भीड़ का नेतृत्व किया है.

दलजीत चौधरी के अनुसार मौके से जुटाई गई तस्वीरों में भी एेश्वर्य सिंह और उनके गनर मौजूद हैं. गिरफ़्तार मुलज़िमों के बयान और मौके से जुटाए गए सबूतों से उनकी भूमिका पता चलती है. इस मामले में गिरफ्तार 6 मुलजिमों ने पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में यह खुलासा किया है कि एेश्वर्य ने पेड़ा गांव में रहने वाले मुसलमानों पर गोलीबारी करवाने के मकसद से संसार सिंह और उनके समर्थकों को उकसाया था.

गौरतलब रहें कि पैदा गांव में मुस्लिम समुदाय की कुछ लड़कियां स्कूल जा रही थीं, तभी रास्ते में जाट बिरादरी के कुछ युवकों ने उनके साथ छेड़छाड़ की. इस घटना की शिकायत एक लड़की ने अपने घर पर की. लड़की के नाराज परिजन विरोध जताने के लिए लड़के के घर पहुंचे थे और मामला रफा-दफा हो गया था. लेकिन इसके बाद जाट समुदाय के लोगों ने लड़की पक्ष के घर जाकर जमकर गोलीबारी की जिसमें 4 लोगों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई. मारे गए तीनों युवक एक परिवार से थे. इनके नाम अनीस, सरताज और एहसान हैं.


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