बिजनौर सांप्रदायिक हिंसा में चार लोगों की हत्या के लिए अखिलेश सरकार जिम्मेदार- रिहाई मंच

लखनऊ । रिहाई मंच ने बिजनौर के कोतवाली क्षेत्र के अन्तर्गत ग्राम पैंदा में हुई मुस्लिम लड़की के साथ छेड़-छाड़ के बाद सांप्रदायिक हिंसा में चार लोगोें की हत्या के लिए अखिलेश सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए दोषियों कि खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव ने कहा कि बिजनौर के पैंदा ग्राम में दसवीं की मुस्लिम छात्रा के साथ गांव के संसार सिंह के परिवार के लड़कों द्वारा छेड़खानी की गई। जब छात्रा के परिजन शिकायत के लिए वे संसार सिंह के घर गए तो संसार सिंह के नेतृत्व में जाट समुदाय के लोगों ने जिस तरीके से पीड़ित छात्रा के परिजनों पर हमला करते हुए मुस्लिमों समुदाय के घरों पर हमला बोला उसने एक बार फिर मुजफ्फरनगर दोहराने की कोशिश की।

सांप्रदायिक हिंसा में एक ही परिवार से सरफराज, अनीसुद्दीन, एहसान समेत एक महिला की गोली मारकर सांप्रदायिक तत्वों ने हत्या कर दी। मंच महासचिव ने कहा कि लूट की बंदरबाट के लिए मुलायम सिंह का परिवार आपस में नूरा कुश्ती कर रहा है और उत्तम प्रदेश के नारे देने वाले अखिलेश यादव की सरकार में दिन दहाड़े जनसंहारों का जो सिलसिला चल रहा है उसने साफ कर दिया कि सरकार चलाना अखिलेश के बस का नहीं हैं।

मुजफ्फरनगर में जब बच्चे कैंपों में ठंड से मर रहे थे तो यह यादव परिवार सैफई में नाच-गाने में मस्त था और आज जब यूपी सपा सरकार में 5000 से अधिक सांप्रदायिक तनाव और महिला और दलित उत्पीड़न में देश में नंबर वन पर है लेकिन इस परिवार के एजेण्डे में यादव सिंह जैसे भ्रष्टाचारी को बचाना ही हैं। राजीव यादव ने कहा कि अगर अखिलेश और शिवपाल में इतना अंर्तविरोध हैं तो क्यों नहीं मुख्यमंत्री मथुरा कांड की सीबीआई जांच करवा देते।

मानवाधिकार कार्यकर्ता अधिवक्ता असद हयात ने कहा कि बिजनौर में हुई सांप्रदायिक हिंसा की घटना ने फिर साबित कर दिया है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था समाप्त हो चुकी है और पूरी तरह से सांप्रदायिक तत्व हावी हो गए है। सरकार ने मुजफ्फरनगर कांड से सबक लिया होता और सांप्रदायिक तत्वों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की होती तो आज बिजनौर में उनके हौसले बुलंद न हुए होते। यह एक साधारण घटना नहीं थी बल्कि साजिश रचकर पुलिस के सहयोग से कारित की गई है।


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