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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मंगलवार को अचानक रात में 500 और 1000 के नोट की अवैध होने की घोषणा के बाद देश की जनता को किस तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा. ये खुद पीएम मोदी ने भी नहीं सोंचा होगा. अन्यथा ये फैसला अचानक नहीं लिया जाता.

बिहार के मधेपुरा के वार्ड नंबर 11 निवासी मोहम्मद ऐनाउल अपनी माँ की मौत के बाद उनके लिए कफन नहीं खरीद सका क्योंकि उसके पास 500 और 1000 के नोट थे जो पीएम मोदी की घोषणा के बाद अवैध हो गये थे. ऐनाउल दोपहर बाद तक बाजार में भटकता रहा. किसी दुकानदार ने उसे कफन देने से इनकार कर दिया.

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जिसके बाद स्थानीय लोगों और वार्ड नंबर 11 के वार्ड आयुक्त के पति मोहम्मद इशरार अहमद ने आर्थिक मदद कर कफन खरीदा. और ऐनाउल ने अपनी माँ को सुपुर्द ए ख़ाक किया.

मधेपुरा में दुकानदार पांच सौ और हजार नोट लेने से इंकार कर रहे हैं. लोग न सब्जी खरीद पा रहे हैं न राशन. पेट्रोल पंप पर भी पूरे पांच सौ रुपए का तेल लेना पड़ रहा है.

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