shivra

1 नवम्बर को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा भोपाल में कथित सिमी सदस्यों के कथित एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों को 2-2 लाख रूपये के इनाम देने की घोषणा की गई थी. लेकिन अब मुख्यमंत्री के इस फैसले पर रोक लग गई हैं.

सुप्रीम कोर्ट की गाईडलाइन के अनुसार किसी भी एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों को एनकाउंटर में दिखाए गये अपनी बहादुरी के लिए तब तक कोई इनाम और सम्मान नहीं दिया जा सकता, जब तक कि एनकाउंटर की जांच पूरी न हो जाए.

और पढ़े -   सेक्स रेकेट चलाते धरे गए बीजेपी मीडिया प्रभारी के भाजपा के बड़े नेताओं से है रिश्तें ?

प्रदेश सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने  ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘इस पूरे मामले की न्यायिक जांच घोषित होने के बाद यह जांच पूरी होने तक अब सरकार इस मामले में किसी को पुरस्कार नहीं दे सकती.’’  उन्होंने आगे कहा, ‘‘यह पुरस्कार देने की घोषणा न्यायिक जांच घोषित होने से पहले की गई थी. इसलिये यह तर्कसंगत होगा कि इस मामले में जांच पूरी होने तक यह पुरस्कार नहीं दिये जायें.

और पढ़े -   मुंबई कमिश्नर पडसलगीकर ने पुलिस फ़ोर्स में मुसलमानों की कमी पर व्यक्त की चिंता

मानवाधिकार संस्थानों ने भी सरकार के इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा था कि ‘‘सरकार को पुरस्कारों की घोषणा करने से पहले मुठभेड़ की जांच के लिये गठित न्यायिक जांच के निष्कर्ष का इंतजार करना चाहिये था। इसका असर यह होगा कि इस मामले में शामिल लोगों को क्लीन चिट हासिल हो जायेगी’’


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE