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ताज नगरी आगरा में तज़ीम उलेमा-ए-अहले सुन्नत आगरा और आॅल इंडिया तहरीक ए तहफ्फुज सुन्नियत बरेली के तत्वधान में ‘‘आला हज़रत आैर अमन-ए-आलम कांफ्रेंस’’ कांफ्रेंस आयोजित की गई थी. यूथ हाॅस्टल संजय प्लेस में आयोजित इस कांफ्रेंस में आला हजरत (हजरत इमाम अहमद रजा) को ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किये जाने की मांग की गई.

कांफ्रेंस की शुरुआत कुरान शरीफ की तिलावत से हुई जिसके बाद बरेली से आये मुख्य अथिति हजरत मुफ्ती रिज़वान अहमद ने आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा रहमतुल्लाह अलैह के जीवन पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि वह एक सच्चे आशिके रसूल होने के साथ-साथ अमन पसंद और सोफी विचार रखने वाले आला दरजे के इंसान थे.

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आॅल इंडिया तहफ्फुज़ सुन्नियत के नुमांइदा मौलाना गुलफाम रज़ा कादरी ने संबोधित करते हुए कहा कि अगर पूरी दुनिया में अमन चैन कायम करना और आतंकवाद से छुटकारा हासिल करना है तो वह रास्ता अपनाना पढ़ेगा जो आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा ख़ान ने अपनाया था.

कार्यक्रम के संयोजक मुफ्ती मुदस्सिर ख़ान कादरी साहब ने आज़ादी की 70वीं सालगिरह की मुबारकबाद देते हुए कहा कि इस कांफ्रेंस का उद्देश्य शहर की जनता को हिदायत देना है कि वह अपने जज़बात को काबू में रखते हुए शहर का अमन व अमान कायम रखें।.मौजूदा शहर मुफ्ती अमन व शांति के दुश्मन हैं. जिन्होंने इस साल ईदगाह में अपनी तकरीर के जरिये आला हज़रत की शान में गुस्ताखी करके शहर की फ़िज़ा को खराब करने की कोशिश की। उनकी इस नापाक हरकत की हम सभी धर्मगुरु करते हैं.

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मौलाना मुमताज़ अहमद ख़ान ने संबोधित करते हुए कहा कि आला हज़रत ने हिन्दोस्तान को दारूल इस्लाम बताया अर्थात आज भी देश में अमन व अमान  का घैवारा है मगर कुछ मुल्ला मुल्क में अमन बदअमनी फैलाना चाहते हैं हुकुमत को एैसे मुल्लो पर निगाह रखनी चाहिए. मुमताज़ ने कहा कि भारत सरकार को आला हज़रत को भारत रत्न से नवाजना चाहिए.

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मुफ्ती अनवार अहमद ने फरमाया कि आला हज़रत के इश्के रसूल की सुगंध पूरी दुनिया को सुगंधित कर रही है. आज भी हम उनके नक्शे कदम पर चल कर अपनी दुनिया को संवार सकते हैं. मौलाना रियासत अली ने फरमाया कि आला हजरत ने एक हजार से ज्यादा किताबें लिखी हैं।उनमें से फ़तवा रिज़विया ही 30 जिल्दों पर सम्मिलित है.


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