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राजस्थान की एक लेडी पुलिस ऑफिसर ने केंद्र में मोदी सरकार पर अपना नारा चुराने का आरोप लगाया हैं. देश भर में केंद्र सरकार द्वारा चलाया जा रहा ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के अभियान के नारे पर दावा करते हुए कहा कि यह नारा उसका है और केन्द्र ने उसका यह नारा चुरा लिया है.

उदयपुर के महिला थान में तैनात एसएचओ चेतना भाटी ने इस बारे में प्रधानमंत्री कार्यालय में आरटीआई के जरिये जानना चाहा कि उन्हें इस बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ नारे के बारे में कैसे पता चला ? लेकिन आरटीआई का कोई जवाब नहीं मिलने पर भाटी ने प्रधानमंत्री मोदी से उसकी क्रिएटिविटी को पहचान देने की मांग की है.

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भाटी ने बताया कि वो रीब 20 साल पहले सरकारी स्कूल में शिक्षिका थी. लेकिन, उसके बाद वह पुलिस में भर्ती हो गई. उन्होंने ये नारा 1999 में कविता लेखन के दौरान लिखा था और कई कार्यक्रमों में पड़ा था. उन्होंने नारें की लोकप्रियता का श्रेय देने की मांग की हैं.

गौरतलब है कि केन्द्र सरकार के इस कार्यक्रम- बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और मानव संसाधन विकास मंत्रालय की तरफ से देश के करीब 100 जिलों में लागू किया गया है जिसमें सभी राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश शामिल हैं.

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