हरियाणा के जाट आन्दोलन की आग अभी ठण्डी पड़ी ही नहीं थी कि राजस्थान में अब राजपूत समाज भी आरक्षण की मांग को लेकर उग्र होता नजर आ रहा है.

करणी सेना के जिलाध्यक्ष प्रवीण सिंह महेचा ने प्रेस वार्ता आयोजित कर पूर्व में ओबीसी कोटे में शामिल कृषक परमार राजपूतों के ओबीसी प्रमाण पत्र पर लगी रोक को हटाने के लिए एक मार्च तक का अल्टीमेटम दिया है. साथ सामूहिक आत्मदाह करने की भी चेतावनी दी है.

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आरक्षण की आग में कूदा राजपूत समाज, सामूहिक आत्मदाह करने की दी चेतावनी

प्रवीण महेचा ने कहा की पूर्व में केंद्र सरकार ने आदेश जारी कर कृषक परमार राजपूतों की 33 जातियों को ओबीसी में शामिल किया था. इस आदेश के तहत कई राजपूतों को फायदा हुआ और ओबीसी कोटे से राजनैतिक पदों पर चुने गए, लेकिन पिछले एक साल से सरकार ने राजपूतों को द्वेष पूर्वक रोक लगा दी है. ऐसे में राजपूतों के साथ बड़ा धोखा किया है.

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महेचा ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा की 28 फरवरी को विशाल वाहन रैली के माध्यम से सरकार को कड़ा सन्देश दिया जाएगा.

उन्होंने कहा कि रैली के बाद 1 मार्च को बाड़मेर बन्द रखकर दोपहर 3 बजे तक मांगें माने जाने का इंतजार किया जाएगा और यदि 3 बजे तक उनकी मांग नहीं मानी गई तो राजपूत समाज सामूहिक रूप से आत्मदाह की शुरुआत करेगा, जिसकी शुरआत स्वयं से करेंगे. इस पूरे मामले की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी. (pradesh18)

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