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बनारस स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कैंपस में  विश्वविद्यालय के कर्मचारीयों द्वारा छात्र के साथ बलात्कार का मामला सामने आया हैं. विश्वविद्यालय के एमए हिन्दी प्रथम वर्ष के 23 वर्षीय छात्र अंकित तिवारी(बदला हुआ नाम) के साथ विश्वविद्यालय के ही कर्मचारी और उसके मित्रों द्वारा बलात्कार किया गया.

13 अगस्त को पीड़ित छात्र अंकित रात नौ बजे कैम्पस से होता हुआ अपने घर की ओर लौट रहा था. तभी बीएचयू के चिकित्सा विज्ञान संस्थान की माइक्रोबायलजी लैब में बतौर अटेंडेंट कार्यरत दीपक कुमार शर्मा और उसके साथ मौजूद चार अन्य सहयोगियों ने उसे जबरदस्ती कार में खींच लिया. इसके बाद अंकित को चाकू की नोंक पर शराब पिलायी गयी और फिर उसे कोई नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर दिया गया.

इसके बाद सभी लोगों ने बारी-बारी अंकित के साथ अप्राकृतिक रूप से यौन सम्बन्ध बनाए. इस दौरान अंकित के गुदाद्वार में जलती हुई सिगरेट भी डाली गयी. दुष्कर्म के बाद घायल और बेहोश अंकित को बीएचयू के आखिरी छोर पर स्थित कृषि विज्ञान विभाग के मैदान पर गाड़ी से फेंक दिया गया.

चौंकाने वाली बात यह है कि अंकित के साथ दुष्कर्म कुलपति आवास से कुछ मीटर की दूरी पर किया गया. और दुष्कर्म के बाद कार कैम्पस के चक्कर काटती रही लेकिन काशी हिन्दू विश्वविद्यालय सुरक्षा विभाग के लोगों ने कार को रोकना ज़रूरी नहीं समझा.

घटना के तत्काल बाद पीड़ित ने 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दी और घटना की लिखित शिकायत दी. शिकायत दिए जाने के बाद पुलिस ने चार दिन बाद मुकदमा दर्ज किया.

इस बारें में बीएचयू के छात्रनेता मृत्युंजय कहते हैं कि अनिमेष पर लगातार मामले को वापस लेने का दबाव बनाया जा  रहा है. वो कहते हैं कि यह घटना साबित करती है कि कैम्पस में छात्र भी सुरक्षित नहीं है.


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