रायपुर बलरामपुर के डीएम एलेक्स पॉल मेनन को फेसबुक पर शेयर किए गए कुछ लेख डिलीट करने पड़े। उन्होंने जेएनयू स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष कन्हैया कुमार और हैदराबाद यूनिवर्सिटी के रोहित वेमुला के समर्थन में कुछ लेख शेयर किए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकारी अधिकारियों और बीजेपी अधिकारियों ने उन पर अपने पोस्ट डिलीट करने का दबाव बनाया था। एलेक्स पॉल मेनन मई, 2012 के दौरान चर्चा में आए थे जब माओवादियों ने उनका अपहरण कर लिया था।

 एलेक्स पॉल मेनन (फाइल फोटो)

एलेक्स ने फेसबुक पर रोहित वेमुला और कन्हैया कुमार के समर्थन में 12 आर्टिकल्स शेयर किए थे। उन्होंने ट्विटर पर भी अपने पोस्ट में इन छात्रों के प्रति अपना समर्थन जताया था। इस बारे में जब एलेक्स पॉल मेनन से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि मुझे इस बाद का दुख है कि मीडिया ‘सरकारी अधिकारियों द्वारा किए जा रहे अच्छे कामों’ का जिक्र नहीं कर रही है बल्कि हमारी सोशल मीडिया ऐक्टिविटी पर नजर रख रही है। उन्होंने कहा,’मैंने न तो कन्हैया और न ही रोहित वेमुला के प्रति अपना समर्थन जाहिर किया है। वे सिर्फ कुछ लेख थे जिसे मैंने शेयर किया था। मैं सरकारी अधिकारी हूं और मेरी पूरी वफादारी सरकार के साथ है।’ एलेक्स को छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिले सुकमा में किए गए उनके कामों के लिए जाना जाता है।

पिछले महीने छत्तीसगढ़ में एक और कलेक्टर अमित कटारिया के एक फेसबुक पोस्ट को लेकर बवाल हुआ था। अपनी पोस्ट में उन्होंने आदिवासी कार्यकर्ता सोनी पर हुए हमले को प्रायोजित बताया था। उनके इस पोस्ट की तीखी आलोचना हुई थी और आखिरकार उन्हें यह पोस्ट हटानी पड़ी थी। बीजेपी के एक पदाधिकारी ने कहा,’एक सरकारी अधिकारी होते हुए वह राष्ट्रद्रोह के आरोपियों (कन्हैया कुमार) का समर्थन नहीं कर सकते। जब पार्टी अधिकारियों और बाकी अधिकारियों द्वारा यह मसला उठाया गया तो उनसे वे पोस्ट्स डिलीट करने को कहा गया।’ (NBT)


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