पूरनपुर। जामिया खदीजा लिलबनात में ख्वाजा इमाम इस्लामिक ट्रस्ट की ओर से एक रोजा जश्ने आला हजरत इमाम अहमद रजा का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता  इस्लामिक रिसर्च स्काॅलर मुफ्ती साजिद हसनी ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुफ्ती नूर मोहम्मद हसनी रहे।
आल इण्डिया उलेमा मशाइख बोर्ड व ख्वाजा इमाम इस्लामिक ट्रस्ट के बैनर तले आयोजित जश्ने इमाम अहमद रजा में बोलते हुए मुफ्ती साजिद हसनी ने आला हजरत की जीवनी को विस्तार से बताते हुए कहा कि आला हजरत सुन्नियत के इमाम थे। उन्होंने 58 भाषाओं का ज्ञान हासिल किया तथा 1400 किताबें हर भाषा में लिखीं।
जश्ने आला हजरत इमाम अहमद रजा केे मौके पर मुफ्ती साजिद हसनी द्वारा इन्डिया मे पहली बार आला हजरत और इमामे रब्बानी पर रिसर्च की गयी  किताब इमामे दीन मुजाहिद अल्फसानी व इमाम अहमद रजा तथा मुफ्ती नूर मोहम्मद हसनी द्वारा लिखी किताबें आखिर मौत है, इल्म और उलेमा, तोहफा ए जिन्दगी, आमदे सरकार फ्री में बांटी गयीं।
इस मौके पर  कारी असद रजा अजहरी, जाने आलम अशरफी, शहादत हुसैन, बाबू बख्श अंसारी, मो0 अनवर,  आरिफ हुसैन, नोमान अली वारसी रकीब अन्सारी  वारसी शाहिद रजा मोहम्मद इस्लाम आदि ने कौम व मुल्क में अमन शांति की दुआएं मांगीं।
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