जमशेदपुर  राष्ट्रीय रायफल्स के लांस नायक मोहन नाथ गोस्वामी को मरणोपरांत इस साल सर्वोच्च बहादुरी के लिए अशोक चक्र से नवाजा गया है. लांस नायक गोस्वामी को जम्मू-कश्मीर में मुठभेड़ के दौरान तीन आतंकवादियों को मार गिराने, एक को घायल करने और अपने तीन साथियों की जान बचाने में दिखाई गई असाधारण वीरता के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है.

तीन साथियों की जान बचाने वाले लांस नायक को अशोक चक्र, पढ़ें उनकी वीरता की कहानी

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 2 सितम्बर 2015 की रात को लांस नायक मोहन नाथ गोस्वामी जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हफरूदा जंगल में घात लगाने वाले दस्ते में शामिल थे. चार आतंकवादियों के साथ उनके दस्‍ते की मुठभेड़ हो गई. इस मुठभेड़ में उनके दो साथी घायल हो गए. इसके बाद लांस नायक मोहन अपने दोस्त के साथ अपने सहयोगियों को बचाने के लिए आगे बढ़े. जबकि उन्हें अच्छी तरह पता था कि आगे बढ़ने में उनकी जान को जोखिम है.

लांस नायक मोहन ने पहले एक आतंकवादी को मार गिराने में मदद की. उसके बाद अपने तीन घायल साथियों की जिंदगी पर छाए खतरे को भांपते हुए लांस नायक मोहन अपनी सुरक्षा की परवाह न करते हुए बचे हुए आतंकवादियों पर टूट पड़े और उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की. आतंकवादियों की गोली उनकी जांघ में लगी लेकिन उसकी परवाह न करते हुए उन्होंने एक और आतंकवादी को मार गिराया और दूसरे को घायल कर दिया.

इसके बाद आतंकियों की एक गोली उनके पेट में लगी. उसके बाद भी अपने घावों से बेपरवाह मोहन नाथ ने बचे अंतिम आतंकवादी को दबोच लिया और अपने गंभीर घावों के कारण मौत के आगोश में जाने से पूर्व उस आतंकवादी को भी मार गिराया. लांस नायक मोहन नाथ ने न केवल दो आतंकवादियों को मार गिराया, बल्कि अन्य दो को निष्क्रिय करने में भी सहायता प्रदान की और अपने तीन घायल साथियों की जान बचाई. (न्यूज़ 18)


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