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राजस्थान में अलवर जिले के नोगावा पुलिस थाना क्षेत्र के रेवाड़ा गांव में पुलिस को करीब 36 गायो के कंकाल मिलने की खबर मिली. ये खबर पुरे इलाके में आग की तरह फ़ैल गई. जिसे पुरे इलाके में दहशत का माहोल हैं. पुलिस ने इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है.

इस दौरान क्षेत्रीय विधायक ज्ञानदेव आहूजा और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और घरों में जमकर लूट,पाट, तोड फोड और महिलाओं के साथ मारपीट की. जिसके कारण गांव के सभी ग्रामीण अपने घरों को खुला छोड़ कर भाग गए और गांव में कोई भी नहीं बचा है.

पुलिस को समीप रेवाड़ा के बास में 36 गायों के काटने की सूचना पुलिस को मिली थी. पुलिस मौके पर पहुंची तो उन्हें करीब 36 गायों के कंकाल मिले. पुलिस ने गायों को बांधकर काटने में उपयोग में लिए गए रस्सों को बरामद किया.

स्थानीय बुजुर्ग सिताबी ने कहा कि उनके पास मस्जिद के एक लाख 17 हजार रूपये रखे थे आरोपी उनसे सभी पैसे लूट कर ले गये. वहीँ  रहीमुद्दीन ने बताया कि करीब 300 लोग जिनके हाथों में लाठी डंडे और हथियार थे उन्होंने आते ही महिलाओं के साथ मारपीट शुरू कर दी और घरो में लूट-पाट और तोड फोड भी की. उन्होंने आगे कहा कि वह तो भीड को देखकर भाग गया लेकिन उसके घर से 50 हजार रूपये नगद और करीब एक किलो चांदी के जेवर लूट ले गये.

एक अन्य निवासी खालिद ने बताया कि गुरुवार को करीब तीन बजे पुलिस के साथ, आरएसएस, बजरंगदल, शिवसेना आदी से जुडे करीब 300 युवा आये उन्होने आते ही उनके घर में फ्रीज, कूलर, अलमारी, सूटकेस तोड़ दिए. इसके अलावा वे घर की महिलाओं से करीब 500 ग्राम चांदी के जेवर लूट ले गये.

गांव के शाहिद खान का कहना है कि पुलिस ने जिन 12 लोगों को पकडा है उनमें एक भी दोषी नहीं है बल्कि उनके गांव का जावेद और जुन्ना दो भाई घर पर ही थे जब पुलिस आई तो उन्होने पूछा क्या हो गया तो उनको भी पुलिस ने पकड कर गाडी में डाल लिया. इसके अलावा पुलिस द्वारा पकडे गये कुछ लोगों में ऐसे लोग भी शामिल हैं जो गाँव में अपने रिश्तेदारों से ईद मिलने आये थे.

गाँव की ही तसलीमा ने रोते हुऐ बताया कि जब पुलिस और संघ के लोगों को आता देखा तो उनके आदमी घरों से भाग गये। वह अपने घरों पर ही थी पुलिस वालों और उनके साथ आये लोगों ने औरतों के साथ मारपिटाई की डंडे बरसाये.

गांव के जसमाल ने बताया कि भीड मे आये बदमाशों ने कई बकरों की हत्या कर दी, कई को वे अपने साथ लये। घरों में बंधी हुई भैंसो को खोल कर भगा दिया. जिनमें से काफी भैंसे गुम हो गई है. गांव के लोगों ने जो पानी भरने के लिये अपने सबमर्सिबल लगा रखे थे आरोपियो ने उन पाईपों को काटकर मोटरों को बोरिगों में डाल दिया जिससे लोगों को करोडों रूपये का नुकसान हो गया है.

गांव के लोगों ने बताया कि डर कि वजह से उन्होने अपनी बहुओं और बेटियों को रिश्तेदारियों में भेज दिया है क्यूंकि उनको डर है कि पुलिस और हमलावर उनकी बहन बेटियों के साथ कोई भी हरकत कर सकते हैं.

समाजसेविका शबनम हाशमी और रमजान चौधरी सहित एक प्रतिनिधि मंडल ने शुक्रवार को गांव रेवाड़ा का बास का दौरा किया. इस मौके पर उन्होने कहा कि जो लोग गौकशी करते है वे पुलिस की मिलीभगत से गांव में ही घूम रहे हैं जबकि निर्दोष लोगों को जेलों में ठूंसा जा रहा है. गांव के अंदर जो जुल्म किया गया है ये सब संघ से जुडी संस्थाओं ने किया है.

शबनम हाशमी का कहना है कि पुलिस को लोगों कि हिफाजत करनी चाहिये बल्कि वह तो खुद लोगों में दहशत फैला रही है. गांव में जो भी घटना घटी है वह पुलिस के सहयोग से घटी है. पुलिस चाहती तो गांव में लूटपाट को रोक सकती थी। उनहोने इस मामले कि उच्च स्तरीय जांच कि मांग की है.


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