कोलकाता। जेएनयू और कोलकाता के जादवपुर यूनिवर्सिटी में भी अब संसद हमले के दोषी अफ्रुाल गुरु के समर्थन में नारे लगाने जाने का मामला सामने आया है। जेएनयू के गिरफ्तार छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया के समर्थन में जादवपुर युनिवर्सिटी में छात्रों ने मंगलवार देर शाम मार्च निकाला। इस मार्च में आतंकी अफजल गुरु और संसद हमले मामले में बरी प्रोफेसर एसएआर गिलानी और लश्कर आतंकी इशरत जहां के समर्थन में जमकर नारे लगाए।

इस विरोध प्रदर्शन के आयोजनकर्ता सौनक मुखोपाध्याय का कहना है कि देश का माहौल बिगाड़ने की राजनीति हो रही है। पहले जेएनयू और अब बंगाल की शान जादवपुर यूनिवर्सिटी भी इस राजनीति की चपेट में आ गए हैं। आयोजन करने वालों ने आतंकी अफजल गुरु के समर्थन में लगने वाले नारों से खुद को अलग बताया है। वहीं विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि अफजल गुरु आतंकवादी है। छात्रों को यह पता है लेकिन अपनी अपनी अज्ञानता के आगे वो भूल को भूल स्वीकार भी नहीं कर रहे।

अब जाधवपुर यूनिवर्सिटी में भी लगे देश-विरोधी नारे

वहीं तृणमूल के वरिष्ठ नेता इस मुद्दे पर बोलने से कतराते रहे हैं। सीपीआईएम के नेता शमिक लहीरी ने इस घटना की निंदा की पर साथ ही ये भी कहा की जादवपुर यूनिवर्सिटी को किसी ग्रुप प्रोटेस्ट से नहीं जोड़ा जा सकता।

बता दें कि इस पहले जवाहर लाल यूनिवर्सिटी यानी जेएनयू में भी 9 फरवरी को आतंकी अफजल गुरु की बरसी के मौके पर कैंपस में देश विरोधी नारे लगाए थे जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को गिरफ्तार कर लिया था।


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